पूर्व प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह का निधन, दिल्ली एम्स में ली आखिरी सांस

  
Last Updated:  दिसम्बर 26, 2024 " 10:45 अपराह्न"

पूर्व प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह के निधन पर PM नरेंद्र मोदी ने दुख जताया,

आज़ भारत दुखी है:- पीएम नरेंद्र मोदी

नई दिल्ली। पूर्व प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह (Former prime minister Dr Manmohan Singh) का गुरुवार को निधन हो गया है। तबीयत बिगड़ने के बाद देर शाम उन्हें दिल्ली के AIIMS में भर्ती कराया गया , जहां डॉक्टरों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया।

वह 92 वर्ष के थे और लंबे समय से बीमार चल रहे थे।

जानकारी के अनुसार साल 2006 में मनमोहन सिंह की दूसरी बार बाईपास सर्जरी हुई थी, जिसके बाद से वह काफी बीमार चल रहे थे। गुरुवार को उन्हें सांस लेने में तक़लीफ और बेचैनी के बाद एम्स में भर्ती कराया गया था। उनका जन्म 26 सितम्बर 1932 को पश्चिमी पंजाब के गाह (अब पाकिस्तान) में हुआ था।

दो बार रहे देश के प्रधानमंत्री, पंजाब और ऑक्सफोर्ड से की पढ़ाई

साल 2004 से 2014 तक दो बार देश के प्रधानमंत्री रहे थे और भारत के बड़े अर्थशास्त्रियों में उनकी गिनती होती थी। उन्होंने चंडीगढ़ में पंजाब विश्वविद्यालय और ग्रेट ब्रिटेन में कैम्ब्रिज विश्वविद्यालय में शिक्षा प्राप्त की थी। उन्होंने ऑक्सफोर्ड विश्वविद्यालय से अर्थशास्त्र में डॉक्टरेट की उपाधि प्राप्त की थी। मनमोहन सिंह को हमेशा अपने सरल और शांत स्वभाव के लिए याद किया जाएगा।

वर्ष 2006 में हुई थी दोबारा बाइपास सर्जरी

जानकारी के अनुसार पूर्व प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह की 2006 में दोबारा बाइपास सर्जरी हुई थी। जिसके लिए मुंबई से स्पेशलिस्ट डॉक्टर रमाकांत पांडा को बुलाया गया था। इसके अलावा कोरोना काल में उन्हें कोविड भी हुआ था, जिसके बाद से उन्हें सांस लेने में भी काफ़ी तकलीफ रहती थी। बताया जा रहा है कि गुरुवार को तक़रीबन आठ बजे उन्हें दिल्ली के एम्स इमरजेंसी में भर्ती कराया गया, जहां करीब आधे घंटे बाद उनका निधन हो गया।

डॉ. मनमोहन सिंह भारत के पूर्व प्रधानमंत्री और एक प्रतिष्ठित अर्थशास्त्री जिन्होंने राजनीतिक और प्रशासनिक करियर में उल्लेखनीय योगदान दिया. डॉ. मनमोहन सिंह का जन्म 26 सितंबर 1932 को पाकिस्तान के गह गांव में हुआ था. उन्होंने पंजाब विश्वविद्यालय, चंडीगढ़ से अर्थशास्त्र में स्नातक और मास्टर डिग्री प्राप्त की. इसके बाद उन्होंने कैम्ब्रिज विश्वविद्यालय और ऑक्सफोर्ड विश्वविद्यालय से पीएचडी की. अपनी उच्च शिक्षा के बाद, वे संयुक्त राष्ट्र के साथ एक अर्थशास्त्री के रूप में जुड़े और फिर भारत लौटकर शिक्षा और प्रशासनिक सेवाओं में कार्य किया।

रिजर्व बैंक ऑफ इंडिया में किया काम

डॉ. मनमोहन सिंह ने भारतीय प्रशासनिक सेवा में शामिल होकर योजना आयोग, वित्त मंत्रालय और रिजर्व बैंक ऑफ इंडिया जैसे प्रतिष्ठित संस्थानों में काम किया. 1991 में, जब भारत गंभीर आर्थिक संकट का सामना कर रहा था, तब उन्हें वित्त मंत्री के रूप में नियुक्त किया गया. उन्होंने अपने कार्यकाल के दौरान कई ऐसे फैसले लिए जिससे भारतीय अर्थव्यवस्था को एक नई दिशा मिली. उन्हें देश का सबसे बड़ा अर्थशास्त्री भी कहा जाता था।

इन फैसलों के लिए किया जाएगा याद

10 साल तक प्रधानमंत्री के रूप में कार्य करने के दौरान डॉ. मनमोहन सिंह ने कई बड़े फैसले लिए, जिसके लिए उन्हें हमेशा याद किया जाएगा. उन्होंने कई आर्थिक सुधारों को आगे बढ़ाया और भारत को वैश्विक निवेश के लिए एक आकर्षक गंतव्य बनाया, इसके अलावा उन्होंने अमेरिका के साथ नागरिक परमाणु सहयोग समझौता किया, जिससे भारत को अपनी ऊर्जा आवश्यकताओं को पूरा करने में मदद मिली. उनके कार्यकाल में भारतीय मध्यम वर्ग का विस्तार हुआ और सूचना प्रौद्योगिकी उद्योग को बढ़ावा मिला।

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