श्रीलाभ ब्रांड के घी के दो बैचों की बिक्री प्रतिबंधित
Last Updated: नवम्बर 2, 2026 " 05:02 अपराह्न"
Jhabua: जांच में घी के दोनों नमूने असुरक्षित पाए जाने पर खाद्य सुरक्षा प्रशासन ने की कार्रवाई
झाबुआ (स्पष्ट खबर)।कलेक्टर डॉ. योगेश तुकाराम भरसट के निर्देशन में खाद्य पदार्थों में मिलावट की रोकथाम एवं आमजन के स्वास्थ्य की सुरक्षा के उद्देश्य से खाद्य सुरक्षा प्रशासन, जिला झाबुआ द्वारा श्रीलाभ ब्रांड के घी के दो बैचों की बिक्री पर तत्काल प्रभाव से प्रतिबंध लगाया गया है। राज्य खाद्य परीक्षण प्रयोगशाला, भोपाल से प्राप्त जांच रिपोर्ट में घी के दोनों नमूने असुरक्षित पाए जाने पर यह कार्रवाई की गई है।
उप संचालक एवं अभिहित अधिकारी, खाद्य सुरक्षा प्रशासन जिला झाबुआ डॉ. मुन्नालाल चोपड़ा द्वारा जारी आदेश के अनुसार, खाद्य सुरक्षा अधिकारी द्वारा 10 अगस्त 2026 को थांदला स्थित फर्म संचालक संजय कुमार राजेंद्र कुमार जैन के प्रतिष्ठान से श्रीलाभ प्योर घी एवं श्रीलाभ काउ प्योर घी के दो नमूने जांच हेतु लिए गए थे। इनमें 500 एमएल टिन पैक के बैच क्रमांक JRO7026 (निर्माण माह जुलाई 2026, समाप्ति माह मार्च 2027) तथा 500 एमएल पैक के बैच क्रमांक JRO8026 (निर्माण माह अगस्त 2026, समाप्ति माह अप्रैल 2027) के नमूने शामिल थे।
दोनों नमूनों को जांच हेतु राज्य खाद्य परीक्षण प्रयोगशाला, भोपाल भेजा गया था। प्राप्त जांच रिपोर्ट में दोनों नमूने खाद्य सुरक्षा एवं मानक अधिनियम, 2006 के अंतर्गत असुरक्षित पाए गए। जांच के दौरान घी में वनस्पति वसा (बीटा साइटोस्टेरॉल) की उपस्थिति तथा फैटी एसिड संरचना सहित निर्धारित मानकों में अनियमितताएं पाई गईं। दोनों नमूने खाद्य सुरक्षा एवं मानक (खाद्य उत्पाद मानक एवं खाद्य सहयोज्य) विनियम, 2011 के अंतर्गत निर्धारित शुद्ध घी के मानकों के अनुरूप नहीं पाए गए।
जांच रिपोर्ट के आधार पर खाद्य सुरक्षा एवं मानक अधिनियम, 2006 की धारा 36(3)(ई) सहपठित धारा 18(1)(एच) के अंतर्गत प्रदत्त शक्तियों का प्रयोग करते हुए श्रीलाभ ब्रांड के उक्त दोनों बैचों के घी की संपूर्ण झाबुआ जिले में बिक्री तत्काल प्रभाव से प्रतिबंधित की गई है।
खाद्य सुरक्षा प्रशासन द्वारा जिले के समस्त खाद्य कारोबारकर्ताओं को निर्देशित किया गया है कि वे प्रतिबंधित बैचों के घी का विक्रय नहीं करें। आमजन के स्वास्थ्य की सुरक्षा एवं शुद्ध खाद्य पदार्थों की उपलब्धता सुनिश्चित करने के लिए खाद्य पदार्थों में मिलावट तथा असुरक्षित खाद्य सामग्री के विरुद्ध कार्रवाई निरंतर जारी रहेगी।