नागरिकों को सलाह: दूषित पेयजल और संक्रमित खाद्य पदार्थों के उपयोग नहीं करें, टाईफाईड से बचें
Last Updated: सितम्बर 21, 2020 " 07:23 अपराह्न"
रतलाम: 21 सितम्बर 2020(स्पष्ट खबर)| वर्तमान मौसम परिवर्तन की स्थितियों में सामान्य रूप से टाईफाईड और जलजनित बीमारियों से प्रभावित होने की आशंका आमजन के लिए बढ जाती है। टाईफाईड यानी मोतीझरा जिसे सामान्य भाषा में मियादी बुखार कहा जाता है, टाईफाईड सालमोनेला टाईफी नामक बैक्टीरिया के कारण होता है। ये बेक्टीरिया सामान्यतया दूषित पानी या संक्रमित खाद्य पदार्थों में ही पनपता हैं। दूषित पानी या संक्रमित भोज्य पदार्थ का उपयोग करने से व्यक्ति बीमार हो जाता है। तेज बुखार के साथ उल्टी, बदन दर्द, कमजोरी, सिरदर्द, पेटदर्द, भूख ना लगना आदि टाईफाईड के मुख्य लक्षण है। लक्षण दिखाई देने पर तत्काल नजदीकी स्वास्थ्य केन्द्र पर जाकर उचित जांच एवं उपचार कराना चाहिए। पेयजल छानकर एवं उबालकर उपयोग करें, बाहर का खाना खाने से बचें। ठेले पर बिकने वाले खाद्य पदार्थों एवं पेय पदार्थों का उपयोग नहीं करें। फल या सब्जी को पानी से धोकर ही उपयोग करें। खाना खाने से पहले अपने हाथ साबुन से अच्छी तरह धोएं। व्यक्तिगत स्वच्छता का विशेष ध्यान रखें। घर के आसपास साफ-सफाई का ध्यान रखें। किचन में भोज्य पदार्थ ढांक कर रखें। पानी पीने के लिए हेंडल वाले मग का उपयोग करें। बासी भोजन का प्रयोग ना करे, ताजा भोजन करें। दरवाजों के हैंडल, टेलीफोन व नल पर होने वाली गंदगी से बचें। नियमित तथा तेज बुखार के साथ उल्टी की शिकायत होने पर नजदीकी शासकीय स्वास्थ्य केन्द्र पर चिकित्सक से संपर्क करें। सभी सरकारी अस्पतालों में टाईफाईड की जॉच उपचार की सुविधा नि:शुल्क उपलब्ध है।
रतलाम जिले में अब तक 41 इंच से अधिक वर्षा-
जारी मानसून सत्र के दौरान जिले में 21 सितम्बर की सुबह 8.00 बजे तक करीब 1034.1 मिलीमीटर (41 इंच से अधिक) वर्षा औसत रूप से दर्ज की गई है। भू-अभिलेख शाखा से प्राप्त जानकारी के अनुसार 21 सितम्बर की सुबह 8.00 बजे समाप्त हुए पिछले 24 घंटों के दौरान जावरा में 10 मिलीमीटर, पिपलौदा में 40 मिलीमीटर, बाजना में 36 मिलीमीटर, रावटी में 13.2 मिलीमीटर तथा सैलाना में 37 मिलीमीटर वर्षा दर्ज की गई। पिछले वर्ष आज दिनांक तक जिले में कुल 1595.6 मिलीमीटर वर्षा दर्ज की गई थी।