यूरिया खाद की जमाखोरी, कालाबाजारी के कारण किसानों की जेब पर डाका-

  
Last Updated:  नवम्बर 23, 2020 " 02:23 अपराह्न"

रतलाम/सैलाना/धामनोद| रबी सीजन में यूरिया खाद पर कालाबाजारियों ने किसानों से लुट मचा रखी है, सहकारिता संस्थाओं द्वारा अपने खातेदार किसानों को प्रति बीघा एक बोरी यूरिया दिया जा रहा है
लेकिन जीन किसानों के खाते सहकारी बैंकों में नहीं है उन किसानों को अपनी फसलों के लिए बाजार से औने पौने दाम चूका कर मजबूरीवश यूरिया खरीदा जा रहा है|
जहां यूरिया के 45 किग्रा बैग की किमत ₹ 267 है वही खास सूत्रों से मिली जानकारी अनुसार विधानसभा क्षेत्र सैलाना एवं रतलाम ग्रामीण क्षेत्रों में यूरिया की कालाबाजारी एवं खाद की निजी दुकानों द्वारा यूरिया की प्रति बोरी 400 से 500 ₹ बेंचकर बड़ी मात्रा में मुनाफाखोरी करी जा रहीं हैं,
सूत्र बताते हैं कि जमाखोरी से अगर यूरिया खाद मुक्त हो जाए तो क्षेत्र में यूरिया की कमी नहीं रहेगी क्षेत्र में बड़ी मात्रा में यूरिया की जमाखोरी कर खाद की किल्लत होने का होवा बना कर संबधितों द्वारा यूरिया के नाम पर किसानों से खुली लुट कर चांदी काटि जा रहीं हैं|
उक्त विषय में कृषि विभाग अधिकारियों का रटारटाय तर्क है जो फर्म व्यक्ति यूरिया की कालाबाजारी कर रहा या निर्धारित दाम से अधिक वसूल रहा है किसान उक्त फर्म व्यक्ति की खरीदीं बील के साथ शिकायत करे,
अब किसानों के सामने समस्या यह है कि अगर शिकायत करी तो जिस दाम में भी खाद तो मिल रहा है वह भी खाद नहीं मिलेगा ओर फिर अन्य जगहों पर भी कोई खाद नहीं देगा जिस का विचार कर किसान शिकायत करने की बात को त्याग देते है जिस का फायदा बाजार , जमाखोर, कालाबाजारी उठा रहे हैं | इस विषय में हमारे द्वारा कृषि अनुविभागीय अधिकारी सैलाना से इनके कार्यालय पर चर्चा कर अवगत करा है जिस पर अनुविभागीय अधिकारी कृषि श्री मंडलोई ने विषय को लेकर अपने अधिनस्थ कृषि अधिकारी को निर्देशित किया गया है |

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