केंद्रीय गृह मंत्रालय का देश के सभी राज्यों को मॉक ड्रिल का निर्देश, छात्रों-नागरिकों को प्रशिक्षण देने को कहा
Last Updated: मई 6, 2025 " 01:37 अपराह्न"
केंद्रीय गृह मंत्रालय का सभी राज्यों को मॉक ड्रिल का निर्देश, छात्रों-नागरिकों को प्रशिक्षण देने को कहा
जम्मू-कश्मीर के पहलगाम आतंकी हमले के बाद केंद्र सरकार सुरक्षा को लेकर अलर्ट मोड में है और नागरिकों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए लगातार कदम उठा रही है। इसी सिलसिले में केंद्रीय गृह मंत्रालय ने 7 मई को सिविल डिफेंस मॉक ड्रिल आयोजित करने का निर्णय लिया है। इस ड्रिल का मुख्य उद्देश्य नागरिक सुरक्षा को प्रभावी बनाना और किसी भी आपातकालीन स्थिति में नागरिकों की सुरक्षा सुनिश्चित करना है।
केंद्रीय गृह मंत्रालय ने राज्यों से ये उपाय करने को कहा है-
हवाई हमले की चेतावनी देने वाले सायरन का संचालन
शत्रुतापूर्ण हमले की स्थिति में खुद को बचाने के लिए नागरिक सुरक्षा पहलुओं पर नागरिकों, छात्रों आदि को प्रशिक्षण
क्रैश ब्लैक आउट उपायों का प्रावधान
महत्वपूर्ण संयंत्रों/प्रतिष्ठानों को समय से पहले छिपाने का प्रावधान
इवैक्युएशन प्लान और उसका रिहर्सल
केंद्र सरकार के सूत्रों के अनुसार, केंद्रीय गृह मंत्रालय (MHA) ने कई राज्यों को निर्देश दिए हैं कि सिविल डिफेंस के लिए 7 मई को मॉक ड्रिल करवाएं। मॉक ड्रिल में छात्रों और नागरिकों को ट्रेनिंग दी जाएगी। आपात स्थित, आग, हवाई हमले और फायरिंग की स्थिति में कैसे बचाव किया जाए? इस बात की ट्रेनिंग और मॉक ड्रिल करने के निर्देश दिए गए हैं।
गृह मंत्रालय के निर्देशों के मुख्य बिंदु-
सभी राज्यों को एयर रेड सायरन संबंधित मॉक ड्रिल करने को कहा गया है।
हवाई हमले की स्थिति में नागरिकों को सतर्क करने वाले सायरन की स्थापना के निर्देश दिए गए हैं।
सिविल डिफेंस की टीमें, छात्रों और आम नागरिकों को हवाई हमले की स्थिति में बचाव के तरीके सिखाए जाएंगे। ब्लैकआउट की संभावित व्यवस्था का अभ्यास किया जाएगा- यानी ज़रूरत पड़ने पर बिजली बंद कर दी जाएगी ताकि दुश्मन को कोई लक्ष्य न दिखाई दे।
महत्वपूर्ण औद्योगिक और सामरिक ठिकानों को सुरक्षित और छिपाने की व्यवस्था की जाएगी। निकासी योजनाओं (Evacuation Plans) को अपडेट किया जाएगा और इनकी रिहर्सल करवाई जाएगी।