मानसून 2-3 दिन में देगा MP में दस्तक, 42 जिलों में बारिश का अलर्ट
Last Updated: जून 25, 2026 " 06:27 अपराह्न"
प्री-मानसून बारिश से तापमान गिरा, फिर भी सामान्य से 53% कम बरसात
भोपाल। मध्य प्रदेश में दक्षिण-पश्चिम मानसून का इंतजार खत्म होने वाला है। मौसम विभाग के अनुसार मानसून प्रदेश की सीमा तक पहुंच चुका है और अगले दो से तीन दिनों में बालाघाट, छिंदवाड़ा और पांढुर्णा के रास्ते प्रदेश में प्रवेश करेगा।
प्री-मानसून बारिश का हाल मानसून से पहले प्री-मानसून गतिविधियां तेज हो गई हैं। बुधवार को बालाघाट में सवा इंच और रायसेन में पौन इंच बारिश दर्ज की गई। इंदौर, धार, नर्मदापुरम, खरगोन, राजगढ़, छिंदवाड़ा, जबलपुर, सागर, सिवनी, टीकमगढ़ और बड़वानी सहित कई जिलों में हल्की से मध्यम वर्षा हुई। बारिश के कारण तापमान में गिरावट आई है। पचमढ़ी 30.2°C के साथ सबसे ठंडा रहा, जबकि दतिया और सीधी में पारा 41.2°C तक पहुंच गया।
इन 42 जिलों में बारिश का अलर्ट मौसम विभाग ने गुरुवार को भोपाल, रायसेन, सीहोर, विदिशा, राजगढ़, इंदौर, धार, झाबुआ, अलीराजपुर, बड़वानी, खरगोन, खंडवा, बुरहानपुर, देवास, शाजापुर, नर्मदापुरम, हरदा, बैतूल, जबलपुर, कटनी, नरसिंहपुर, छिंदवाड़ा, पांढुर्णा, बालाघाट, सिवनी, मंडला, डिंडौरी, रीवा, सतना, सीधी, सिंगरौली, शहडोल, उमरिया, अनूपपुर, सागर, पन्ना, दमोह, छतरपुर, टीकमगढ़, निवाड़ी और मैहर में तेज हवाओं, गरज-चमक और बारिश की चेतावनी जारी की है।
53% कम बारिश, बुवाई पर असर मानसून की देरी से प्रदेश में 1 जून से अब तक सिर्फ 37.1 मिमी बारिश हुई है, जबकि सामान्य 78.5 मिमी होनी चाहिए थी। 48 जिलों में बारिश सामान्य से कम है। कृषि विशेषज्ञों के मुताबिक खरीफ फसलों की बुवाई के लिए 4 इंच बारिश जरूरी है। फिलहाल केवल भोपाल में 5 इंच से अधिक वर्षा हुई है, जो सामान्य से 63% ज्यादा है।
गर्मी-लू का अलर्ट भी जारी बारिश की संभावना के बीच नरसिंहपुर जिले में हीटवेव का अलर्ट है। वहीं ग्वालियर, भिंड, मुरैना, दतिया, अशोकनगर, श्योपुर, शिवपुरी, नीमच, मंदसौर, रतलाम, उज्जैन और आगर-मालवा जिलों में गर्मी और उमस का असर बना रह सकता है।
मौसम विभाग का मानना है कि मानसून के प्रवेश के बाद बारिश तेज होगी, जिससे किसानों को राहत मिलेगी और बुवाई का काम रफ्तार पकड़ेगा।