जिले के कृषकों को रबी फसलों में पोषक तत्वों के प्रबन्धन व उचित उपयोग की सलाह जारी

  
Last Updated:  अक्टूबर 11, 2021 " 06:45 अपराह्न"

आगर-मालवा। जिले के कृषि विज्ञान केन्द्र एवं कृषि विकास एवं किसान कल्याण विभाग द्वारा जिले के कृषकों को रबी फसलों को लेकर आवश्यक सलाह जारी करते हुए बताया कि गेंहू में 120 किलो नत्रजन, 60 किलो फास्फोरस एवं 40 किलो पोटाश प्रति हेक्टर चाहिए, इसकी पूर्ति हेतु एन पी के 12:32:16 के 03 बैग एवं 30 किलोग्राम, एम ओ पी 17 किलोग्राम, यूरिया 5 बैग एवं 16 किलोग्राम से की जा सकती है। गेहूं के बीज को 10 ग्राम एजोटोबैक्टर प्रतिकिलो बीज से बीजोपचारित करके बुवाई करने से नाइट्रोजन की पूर्ति होती है। इसी तरह चना मसूर एवं अन्य दलहनी फसलों में 20 किलो नत्रजन, 60 किलो फास्फोरस एवं 20 किलो पोटाश प्रति हेक्टर चाहिए इसकी पूर्ति एन पी के 12:32:16 के 04 बैग से की जा सकती है। दलहनी फसलों को फसल विशेष को ध्यान में रखते हुए राइजोबियम कल्चर से उपचारित करना चाहिए।
 सरसों, अलसी, तारामीरा जैसी तिलहनी फसलों में एस एस पी के 05 बैग एवं 30 किलोग्राम  खाद देने पर फास्फोरस के साथ ही सल्फर तत्व की पूर्ति होती है। नत्रजन की पूर्ति यूरिया के 04 बैग एवं पोटाश की पूर्ति म्यूरेट ऑफ पोटाश के 01 बैग से की जा सकती है।  सभी फसलों में फास्फोरस की उपलब्धता सुनिश्चित करने हेतु 10 ग्राम पी एस बी कल्चर प्रति किलो बीज को उपचारित करके बुवाई करनी चाहिए। सरसों की बुवाई में  डी ए पी के बजाय एस एस पी   (उर्वरक) का उपयोग करे क्योंकि डी ए पी के एक बैग में फास्फोरस 23 किलो व नाइट्रोजन 9 किलो होता हैं तथा कीमत 1200 रुपए, जबकि 3 बैग एस एस पी व 1 बैग यूरिया की कीमत 1166 रुपए आती हैं एवम इसमें  24 किलो फॉस्फोरस, 24 किलो नाइट्रोजन तथा 16.5 किलो सल्फर होता हैं जो सरसो में तेल की मात्रा बढ़ाने का काम करता हैं।अत: तत्व की मात्रा व रुपए दोनों में ही फायदा का सौदा हैं चूंकि इस वर्ष डी ए पी की कमी भी रहेगी.
कृषि विभाग के अधिकारी ने जिले के कृषकों से आग्रह किया है, कि रबी सीजन हेतु लगने वाली यूरिया खाद की पूरी मात्रा एक साथ न खरीदकर फसलों में समय-समय पर लगने वाली आवश्यकता अनुसार खाद खरीदें।

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