मध्य प्रदेश से नीलगाय और ब्लैक बक की होगी धरपकड़, वन विभाग दक्षिण अफ्रीका के एक्सपर्ट की मदद लेंगे-
Last Updated: अगस्त 19, 2024 " 09:26 पूर्वाह्न"
भोपाल। मध्य प्रदेश के किसानों को इन दिनों भारी वर्षा के साथ-साथ कई अन्य समस्याओं से भी जूझना पड़ रहा है। राज्य में पाए जाने वाले दो जंगली जानवर, नीलगाय और ब्लैक बक किसानों के साथ सरकार की भी आफत बने हुए हैं। आगर मालवा, शाजापुर, रतलाम सहित लगभग 35 जिलों के किसान (Farmers Problem) इन दोनों जंगली जानवरों से परेशान हैं। इसकी वजह है कि वे खेतों में खड़ी फसलों को पूरी चट कर रहे हैं। किसानों को राहत देने के लिए वन विभाग ने प्लान बना लिया है। MP में 35 जिलों में बड़ी संख्या में मौजूद नील गाय और ब्लैक बक को पकडने के लिए वन विभाग दक्षिण अफ्रीका के एक्सपर्ट और हेलिकॉप्टर की मदद लेने जा रहा है। हेलिकॉप्टर की मदद से इन्हें खदेडकर बोमा में केप्चर किया जाएगा और बाद में इन्हें जंगलों में छोड़ा जाएगा।
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मिली जानकारी अनुसार नील गाय और ब्लैक बक की धरपकड़ के लिए वन विभाग हेलिकॉप्टर रॉबिन्सन-44 किराए पर लेने जा रहा है, इसके लिए वन विहार नेशनल पार्क को नोडल बनाया गया है, हेलिकॉप्टर के लिए टेंडर भी जारी हो गए हैं। बता दें MP के 35 जिलों में भारी मात्रा में नील गाय और ब्लैक बक है जो किसानों की फसलों को नुकसान पहुंचाते हैं किसानों को इस समस्या से निजात दिलाने के लिए प्लान बनाया गया है।
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दक्षिण अफ्रीका के एक्सपर्ट कर चुके सर्वे-
वन विभाग नीलगाय और ब्लैक बक को खदेड़ने के लिए दक्षिण अफ्रीका के एक्सपर्ट की मदद ले रहा है दक्षिण अफ्रीका के एक्सपर्ट शाजापुर सहित आसपास के क्षेत्रों का सर्वे कर चुके हैं बारिश के बाद ये टीम दोबारा आएगी और दोनों वन्य प्राणियों को पकड़ने की प्रक्रिया शुरू की जाएगी।
हेलिकॉप्टर के लिए टेंडर जारी-
वन विहार भोपाल के सहायक संचालक एस.के सिन्हा के अनुसार ग्रामीण क्षेत्रों से नील गाय और ब्लैक बक को पकड़कर जंगलों में छोड़ा जाएगा प्रदेश में इस तरह का प्रयोग पहली बार किया जा रहा है, हेलिकॉप्टर रॉबिन्सन-44 के लिए टेंडर जारी किए गए हैं। दरअसल, ये हेलिकॉप्टर आकार में छोटा होता है और बहुत नीचे आकर तेजी से मुड़ जाता है इसकी आवाज से नील गाय और ब्लैक बक को बोमा में ले जाया जाएगा दो से तीन घंटे में उनकी शिफ्टिंग कर दी जाएगी इस काम के लिए दक्षिण अफ्रीका के विशेषज्ञों की मदद ली जा रही है।