इंतजार की घड़ी खत्म…सीरम इंस्टीट्यूट की कोरोना वैक्सीन के इमरजेंसी इस्तेमाल को मिल सकती है मंजूरी
Last Updated: दिसम्बर 30, 2020 " 10:05 अपराह्न"
नई दिल्ली| कोरोना वायरस के खिलाफ जंग में भारत को जल्द ही एक खुशखबरी मिल सकती है। उम्मीद की जा रही है कि भारत में जल्द ही ऑक्सफोर्ड (Oxford) की कोविड-19 वैक्सीन को आपातकाल इस्तेमाल की अनुमति मिल सकती है। देश में ऑक्सफोर्ड-एस्ट्राजैनेका (Oxford-Astrazeneca) वैक्सीन का निर्माण पुणे स्थित सीरम इंस्टीट्यूट ऑफ इंडिया में हो रहा है। सीरम दुनिया की सबसे बड़ी वैक्सीन निर्माता कंपनी है। बता दें कि ब्रिटेन ने ऑक्सफर्ड यूनिवर्सिटी और एस्ट्राजेनेका की कोरोना वायरस वैक्सीन के आपातकालीन इस्तेमाल को मंजूरी दे दी है।
दरअसल सीरम इंस्टीट्यूट ऑफ इंडिया की वैक्सीन को इमरजेंसी यूज की मंजूरी जल्द मिल सकती है। समाचार एजेंसी ANI के मुताबिक, ड्रग्स कंट्रोलर जनरल ऑफ इंडिया की सब्जेक्ट एक्सपर्ट कमेटी (SEC) सीरम इस्टीट्यूट ऑफ इंडिया की कोविड-19 वैक्सीन के इमरजेंसी यूज की मंजूरी के आवेदन पर बैठक कर रही है। इस वैक्सीन को ऑक्सफोर्ड यूनिवर्सिटी और फार्मास्युटिकल कंपनी AstraZeneca के साथ समझौते में विकसित किया जा रहा है।
परीक्षण में 90 फीसद तक असरदार हाल ही में सीआइआइ के सीईओ अदार पूनावाला ने कहा था कि कोरोना वैक्सीन ‘कोविशील्ड’ परीक्षण में 90 फीसद तक असरदार साबित हुई है। जल्द सभी के लिए उपलब्ध होगी। उन्होंने यह भी दावा किया था कि एस्ट्राजेनेका से 10 करोड़ डोज का समझौता किया गया है। जनवरी तक कोविशिल्ड की न्यूनतम 100 मिलियन खुराक उपलब्ध होगी जबकि फरवरी के अंत तक इसकी सैकड़ों मिलियन डोज तैयार की जा सकती है।
गंभीर मरीजों पर कारगर है वैक्सीन एसआईआई के आवेदन का हवाला देते हुए कहा कि कंपनी ने क्लीनिकल परीक्षण के चार डाटा में बताया है कि कोविशील्ड लक्षण वाले मरीजों और कोरोना के गंभीर मरीजों के मामले में अत्यधिक असरकारक है। अभी एक दिन पहले ही अमेरिकी दवा कंपनी फाइजर ने भारतीय दवा नियामक से देश में वैक्सीन के आयात और वितरण की अनुमति देने का अनुरोध करते हुए इसके इमरजेंसी इस्तेमाल की अनुमति मांगी थी।