लाकडाऊन मे ज्वेलर्स बेंच रहा था कंगन और नकली डाक्टर लगा रहा था इंजेक्शन

  
Last Updated:  अप्रैल 28, 2021 " 03:05 अपराह्न"

तहसीलदार और पुलिस की संयुक्त टीम ने मारा 14 प्रतिष्ठानों पर छापा

रतलाम/सैलाना| कोरोना संक्रमण की रफ़्तार लगातार बढ़ रही है उसके बावजूदव लोगों द्वारा इस को हल्के में लिया जा रहा है वही ऐसे लोगों पर प्रशासन लगातार कार्रवाई भी करी जाा रही है| कोरोना महामारी के बीच सैलाना में एक ज्वेलर्स शटर खोल कर और चैनल लगा कर सोने चांदी के आभूषण बेंच रहा था। सरवन मे मैडिकल संचालक बगैर रजिस्टर्ड डाक्टर के पर्चे के दवाई सर्दी खांसी जुकाम बुखार की दवा बेंच रहे थे। मैडिकल संचालकों के पास कांटेक्ट हिस्ट्री भी नहीं थी। सरवन मे पश्चिम बंगाल से आया डाक्टर जिस पर पहले से ही केस दर्ज है वह मरीजो को दवाइयां दे रहा था। इन सभी पर सैलाना तहसीलदार अरूण चंद्रवंशी ने छापामार कारवाई की। कुल १४ प्रतिष्ठानों पर कारवाई की गई ।

मंगलवार को एसडीएम सुश्री कामिनी ठाकुर के निर्देश पर राजस्व और पुलिस विभाग की संयुक्त टीम ने सैलाना नगर में पांच और सरवन मे नौ दुकानों पर पहुंच कर छापामार कारवाई की। मंगलवार शाम को सैलाना के तहसीलदार अरुण चंद्रवंशी के नेतृत्व में सरवन पुलिस थाना के थाना प्रभारी शिवा निनामा, एस आई जे आर जामोद, सैलाना थाने के ए एस आई के एल दाहिमा आदि पुलिस अधिकारियों ने कुल १४ प्रतिष्ठानो पर आकस्मिक निरिक्षण कर कारवाई की।

इन पर हुई कार्रवाई-

1- सैलाना मे जितेंद्र संघवी पिता मांगीलाल संघवी जैन उम्र 51 वर्ष को ज्वेलर्स की दुकान संचालित करते पाया । ज्वेलर्स द्वारा शादी के लिए आभूषण तैयार कर दुल्हा दुल्हन के परिजनों को महंगे और मनमाफिक दाम पर दिए जा रहे थे। प्रशासन को गुप्त सूचना मिली थी कि नगर मे लाकडाऊन मे जितनी भी शादियां हो रही है, उनमे मनमाफिक दाम पर महंगे आभूषण देने का कार्य ज्वेलर्स द्वारा काफी समय से किया जा रहा था। टीम के अचानक पहुंचने पर ज्वेलर्स की दुकान से ग्राहक भाग गये। वही एक महिला को ज्वेलर्स की दुकान पर मजदूरी के पैसे मांगने के लिए खड़ी नजर आई। ज्वेलर्स ने शटर को खोल रखा था और चैनल लगा रखी थी, जिससे कि चैनल मे से ज्वेलरी दी जा सके और पैसे लिए जा सके इस प्रकार शातिराना अंदाज में प्रशासन व पुलिस की आंखों में धूल झोंक कर भोले भाले ग्रामीणो को महंगे दामों में सोने चांदी के आभूषण दिए जा रहे थे। खास बात यह है कि ज्वेलर्स से चार मकान छोड कर ही कोरोना पेशेंट के होने से कंटेनमेंट जोन बनाया गया था। पर पैसे के लालच मे ज्वेलर्स यह भी भूल गया कि दुकान खोलने से लोग संक्रमित हो सकते हैं।

2- सरवन थाना क्षेत्र मे निरंतर कोरोना के मरीजो की संख्या बढ रही थी, इसी को देखते हुए सरवन में अचानक पहुंचकर तहसीलदार अरुण चंद्रवंशी द्वारा छापामार कार्रवाई बंगाली डॉक्टर के क्लीनिक पर की गई । बंगाली डॉक्टर सुप्रति मलिक पिता फगन मलिक उम्र 47 वर्ष निवासी बेडदा रोड थाना सरवन, स्थाई पता ग्राम सुमरनाड़ी, जिला 24 परगना अशोकनगर पश्चिम बंगाल द्वारा सर्दी खांसी जुकाम बुखार के मरीजों का निरंतर उपचार कर रहा था। बंगाली डाक्टर के क्लीनिक पर बडे बक्सों में कई प्रकार की दवाइयां. इंजेक्शन रखे हुए थे। तहसीलदार द्वारा सभी दवाइयों और इंजेक्शनों व चिकित्सकीय सामग्री को में जप्त कर पुलिस अभिरक्षा में थाना सरवन में सौंपा गया है । तहसीलदार द्वारा सख्ती से पूछताछ करने पर बंगाली डाक्टर ने स्वीकार किया कि बगैर उपाधि प्रैक्टिस करने के आरोप का एक केस पहले से ही बंगाली डाक्टर के खिलाफ न्यायालय मे विचाराधीन है। इसके बावजूद बंगाली डॉक्टर के हौसले इतने बुलंद थे कि वह दोबारा लोगों का इलाज बगैर किसी उपाधि के कर रहा था। तहसीलदार को गुप्त सूचना प्राप्त हुई थी कि बंगाली डाक्टर लोगों को कोरोना वैक्सीन के खिलाफ दुष्प्रचार कर रहा था तथा यह बता रहा था कि वैक्सीन लगाने से कोई लाभ होने वाला नहीं है। इस कारण सरवन थाना क्षेत्र मे वैक्सीनेशन भी बहुत कम हो रहा था।

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3- सरवन में ही दिलीप मेडिकल स्टोर संचालित है जहां पर दिलीप सिंह पिता मेहताब सिंह पवार उम्र 50 वर्ष निवासी बेडदा द्वारा बगैर रजिस्टर्ड डॉक्टर के पर्चे के मरीजों को सर्दी खांसी और जुकाम बुखार की दवाईयां दी जा रही थी।

4 – अथर्व मेडिकल संचालक विशाल पिता के के तिवारी उम्र 38 वर्ष द्वारा भी बगैर रजिस्टर्ड डॉक्टर की पर्ची के मरीजों को दवाइयां सर्दी खांसी और जुकाम बुखार की दी जा रही थी । मेडिकल पर ना तो रजिस्टर्ड डॉक्टर के पर्चे मिले। न ही सुबह से शाम तक आने वाले ग्राहकों की कांटेक्ट हिस्ट्री मिली। लाइसेंस का नवीनीकरण भी नहीं कराया गया।

5- रूप नारायण पिता विष्णु लाल का कसेरा उम्र 30 साल निवासी महात्मा गांधी मार्ग सैलाना सेव बनाने का कारखाना संचालित कर रहा था कारखाने में मजदूरों ने श्रमिकों ने मुंह पर मास्क नहीं लगाया था एवं दुकानदार भीड़ लगाकर सेंव व नमकीन बेच रहा था।

6- कन्हैया लाल पिता भागीरथ पाटीदार उम्र 44 वर्ष निवासी ग्राम बोदिना ने आधी शटर लगा रखी थी, इनकी दुकान पर बहुत से ग्राहक थे । ये खुद को प्रतिष्ठित समाचार पत्र से जुड़े होने की बात कर रहे थे। जैसे ही कोई ग्राहक आता ये शटर खोल कर सामान दे देते थे।

7- जयेश पिता परस लाल मोदी उम्र 36 वर्ष जैन को मिठाई स्वीट्स केक की दुकान संचालित करते पाया इनकी शटर खुला था और ग्राहकों की आवाजाही चल रही थी। कोरोना के समय कई दिनो पहले बनी मिठाई बनाकर खुली रख रखी थी।

8- रितेश पिता अनिल जैन निवासी बस स्टैंड का दुकान खुली थी, दुकान पर १० ग्राहक सामान खरीदने के लिए दुकान के बाहर खड़े थे। टीम के अचानक पहुंचने पर ग्राहक भाग निकले । दुकानदार द्वारा मल्टी के नीचे का गोडाउन भी खोल रखा था, गोडाऊन से सामान निकाल कर, ग्राहकों की भीड़ लगाकर सामान बेच रहा था।

9- लोकेंद्र सिंह पिता राजेंद्र सिंह राजपूत सांखला द्वारा किराने की दुकान संचालित की जा रही थी।

10- दीपक पिता बाबूलाल माहेश्वरी उम्र 51 वर्ष द्वारा सदर बाजार कस्बा सरवन में कपड़े की दुकान संचालित की जा रही थी ।

11- कैलाश पिता राधा किशन गुजर भामर द्वारा भी चाय नाश्ते की होटल संचालित की जा रही थी

12- भावना पिता प्रहलाद तथा पहलाद पिता सियाराम परमार द्वारा निवासी बिरधा द्वारा सब की दुकान रात 9:00 बजे तक चालू कर रखी थी संचालित की जा रही थी ।

13- सिद्धिविनायक किराना स्टोर के संचालक अरुण पिता कृष्ण गोपाल पानेरी निवासी बांसवाड़ा रोड सरवन द्वारा भी किराने की दुकान संचालित की जा रही थी।

14- विजय पिता रतन लाल भील द्वारा भी किराने की दुकान संचालित की जा रही थी।

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