रतलाम: कोविड-19 की संभावित तीसरी लहर को देखते हुए प्रतिबंधात्मक आदेश जारी

  
Last Updated:  दिसम्बर 14, 2021 " 06:38 अपराह्न"

रतलाम। जिले में कोविड-19 की संभावित तीसरी लहर को देखते हुए तथा वर्तमान स्थिति के मद्देनजर संक्रमण की रोकथाम हेतु कलेक्टर श्री कुमार पुरुषोत्तम द्वारा दण्ड प्रक्रिया संहिता की धारा 1973 की धारा 144 में प्रदत्त शक्तियों को प्रयोग में लाते हुए रतलाम जिले की सम्पूर्ण राजस्व सीमा क्षेत्र में प्रतिबंधात्मक आदेश जारी किए हैं।

जारी आदेश के अनुसार कोविड पाजिटिव प्रकरणों की संभावित वृद्धि के नियंत्रण हेतु टेस्ट-ट्रेक-ट्रीट के टीकाकरण में गति एवं कोविड अनुकूल व्यवहारों का पालन करना अनिवार्य होगा। भीड भाड को नियंत्रित करते हुए मास्किंग, सामूहिक दूरी एवं कोविड अनुकूल व्यवहारों, खांसते, छींकते समय नाक व मुख को ढंकने संबंधी अनुशासन का पालन अनिवार्य होगा। कोविड के संभावित लक्षण वाले रोगियों की अनिवार्यतः आरटीपीसीआर, आरएटी पद्धति से जांच की जाएगी। पर्याप्त जांच सुविधाएं ग्रामीण तथा शहरी क्षेत्रों में उपलब्ध रहे तथा जिले में हाट स्पाट्स का चिन्हांकन कर ऐसे क्षेत्रों में अधिकाधिक सैम्पल संग्रहण किए जाए। पाजीटिव प्रकरणों मे हाई रिस्क एवं अधिक से अधिक अन्य कांटेक्ट्स को सूचीबद्ध कर उनकी ट्रेकिंग एवं टेस्टिंग कर निगरानी में रखा जाए।

कोविड-19 पाजीटिव प्रकरणों का प्रबंधन

कोरोना वैरिएंट की संभावना एवं तृतीय संभावित लहर के त्वरित नियंत्रण हेतु नीतिगत निर्णय अनुसार अब समस्त लक्षणयुक्त कोविड पाजीटिव प्रकरणों के लक्षण के आधार पर अस्पताल में कोविड आइसोलेशन वार्ड, कापिक आईसीयू वार्ड अथवा कोविड हाई डिपेंडेंस वार्ड में भर्ती किया जाए। केवल लक्षण रहित पाजीटिव ऐेसे व्यक्ति जिनके पास पृथक हवादार एवं शौचालययुक्त कक्ष की उचित व्यवस्था हो, को चिकित्सक द्वारा पूर्ण चिकित्सकीय आंकलन उपरांत होम आइसोलेशन की अनुमति दी जा सकती है, परन्तु ऐसे व्यक्तियों का निरन्तर अनुसरण जिला स्तरीय दल द्वारा वीडियो कालिंग के माध्यम से की जाए।

भारत सरकार द्वारा कोरोना संक्रमण के आधार पर चिन्हांकित यूरोप, युनाईटेड किंगडम, दक्षिण अफ्रीका, ब्राजिल, बोत्सवाना, न्यूजीलेण्ड, जिम्बाब्वे, सिंगापुर, हांगकांग, इसराइल, चीन, मारीशस से आने वाले समस्त अन्तरराष्ट्रीय यात्रियों की आरटीपीसीआर रिपोर्ट नेगेटिव आने पर यात्रियों को महत्वपूर्ण अनिवार्यतः 7 दिवस हेतु होम क्वारंटाईन किया जाए एवं 8 वें दिवस पर पुनः आरटीपीसीआर द्वारा जांच की जाए। पाजीटिव पाए गए अन्तरराष्ट्रीय यात्रियों के सेम्पल संग्रहण करते हुए उन्हें पृथक से संस्थागत आइसोलेशन में रखा जाएगा।

वैरिएंट की प्रभावी निगरानी हेतु नियमित तौर पर भी सेम्पल संग्रहित कर निर्धारित प्रयोगशालाओं में प्रेषित की जाए। यदि व्यक्ति ओमिक्रोन वैरिएंट पाजीटिव पाया जाता है तो ऐसे रोगी की कडी संस्थागत आइसोलेशन में रखने का उचित प्रबंध किया जाए एवं मानक ट्रीटमेंट प्रोटोकाल का पालन तब तक सुनिश्चित किया जाए, जब तक रोगी की आरटीपीसीआर जांच निगेटिव नहीं हो जाती। यदि किसी व्यक्ति में ओमिक्रोन वैरिएंट निगेटिव पाया जाता है तो चिकित्सकीय परामर्श अनुरूप व्यक्ति को डिस्चार्ज किया जा सकता है।

कोविड-19 प्रकरणों के लिए उपचार व्यवस्थाएं

जिले में कोविड प्रकरणों की स्थिति पर कडी निगरानी रखते हुए आवश्यक स्वास्थ्य संसाधन एवं समुचित व्यवस्था की जाए। पर्याप्त आक्सीजन सिलेण्डर तथा क्रियाशील आक्सीजन कंसन्ट्रेटर की उपलब्धता ग्रामीण तथा शहरी क्षेत्रों के स्वास्थ्य संस्थाओं में रहे। समस्त शासकीय डेडिकेटेड कोविड हेल्थ सेन्टर तथा चिकत्सा महाविद्यालयीन डेडिकेटेड कोविड अस्पतालों में कोविड उपचार हेतु आवश्यक दवाईयों, सामग्री व उपकरणों की उपलब्धता अनिवार्य की जाए। बच्चों में कोविड-19 के प्रबंधन हेतु आवश्यक व्यवस्थाएं (औषधि, सामग्री एवं उपकरण) सुनिश्चित किया जाए। आदेश का उल्लंघन भारतीय दण्ड संहिता की धारा 188 के अन्तर्गत दण्डनीय अपराध होगा।

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