Ratlam: मध्यरात्रि को गुंजायमान हुआ “घर अजमल अवतार लियो” “खम्मा-खम्मा हो म्हारा रुणिचै रा धनियां”
Last Updated: सितम्बर 6, 2024 " 10:01 पूर्वाह्न"
धामनोद नगर में निकले चलसमारोह और झांकियां-
रतलाम। देश में अनेक ऐसे महापुरूष हुए जिन्होंने मानव देह धारण कर अपने कर्म और तप से यहां के लोक जीवन को आलोकित किया उनके चरित्र, कर्म और वचनबद्धता से उन्हें जनमानस में लोकदेवता की पदवी मिली और वे जन-जन में पूजे जाने लगे ऐसे ही लोकदेवताओं में बाबा रामदेव जिनका प्रमुख मंदिर राजस्थान के जैसलमेर जिले के रामदेवरा में है, सद्भावना की जीती जागती मिसाल हैं, हिन्दू समाज में वे बाबा रामदेव एवं मुस्लिम समाज रामसा पीर के नाम से पूजनीय हैं। बाबा रामदेव को भगवान श्रीहरि विष्णु का अवतार माना जाता है, उनकी अवतरण तिथि भाद्र माह के शुक्ल पक्ष बीज को बड़े धूम-धाम से मनाई जाती है।
जिले के धामनोद नगर में बाबा रामदेव जी मंदिर पर पूरे भाद्र महा विशेष धार्मिक आयोजन किया जाता है, मंदिरों की आकर्षक विद्युत साज-सज्जा कर हवन पूजन, महा अभिषेक , महा आरती, यात्रियों के लिए भंडारे का आयोजन किया जाता है। गुरुवार को सैलाना रोड़ प्राचीन बाबा रामदेवजी मंदिर पर धार्मिक अनुष्ठान के पश्चात विधुत सज्जित झांकी एवं अखाड़े के साथ नगर में भ्रमण किया। वहीं सदर बाजार (टंकी चौराहा) स्थित बाबा रामदेवजी मंदिर पर तीन दिवसीय पंचकुण्डात्मक महायज्ञ की पूर्णाहुति गुरुवार को हुई, महाआरती के पश्चात नगर में चल समारोह निकाला गया। जिसमें सबसे आगे ध्वज वाहक घुड़सवार और बैंड़,ढोल ताशे की धार्मिक धुन संगीत पर महिला पुरुष गाते नृत्य करते नगर भ्रमण को निकले। बाबा रामदेवजी के दोनों मंदिरों से प्रथक- प्रथक निकले चलसमारोह का नगर में जगह-जगह संस्थाओं संगठनों ने पुष्प वर्षा कर स्वागत किया। बस स्टैंड पर नगर परिषद ने पुष्प वर्षा कर स्वागत किया। श्री पवनपुत्र व्यायामशाला धामनोद द्वारा आयोजकों को पुष्पहार पहना कर स्मृति चिन्ह भेंट कर सम्मानित किया।
नगर भ्रमण कर चलसमारोह बाबा रामदेवजी के मंदिर पहुंचे, मध्यरात्रि को घड़ी की सुईयों का संगम हुआ बाबा रामदेवजी मंदिर पर आतिशबाजी की गई व गुंजायमान “पिछम धरां स्यूं म्हारा पीर जी पधारिया, घर अजमल अवतार लियो, खम्मा-खम्मा हो म्हारा रुणिचै रा धनियां” उद्घोष गुंजायमान हुए, पस्चात महाआरती हुई।