श्री शतचण्डी महायज्ञ की पूर्णआहुति में उमड़ा धर्म और आस्था का सैलाब
Last Updated: जून 12, 2025 " 08:48 अपराह्न"
भव्य धार्मिक आयोजन, घोड़े, बैंड़, डीजे, दर्जनों ढोल ताशे, 1100 कलश ऐतिहासिक शोभायात्रा, विशाल भण्डारा हुआ
Ratlam: भव्य धार्मिक आयोजन, बैंड़, डीजे, दर्जनों ढोल ताशे, 1100 कलश ऐतिहासिक शोभायात्रा का नगर में हुआ जोरदार स्वागत सत्कार, पूर्णाहुति, महाआरती के पस्चात महाप्रसादी (विशाल भण्डारा) का आयोजन सम्पन्न हुआ।
धामनोद नगर में आस्था का प्रमुख केन्द्र श्री कालिका माता मंदिर प्रांगण में 06 जून से 12 जून 2025 तक सप्त दिवसीय श्री शतचण्डी महायज्ञ का आयोजन की पूर्णाहुति के उपलक्ष्य में गुरुवार को खेड़ी रोड स्थित गंगा माता की बावड़ी से कलश शोभायात्रा का नगर में भ्रमण हुआ, जिसमें माताएं- बहनें कलश उठाए शोभायात्रा की शोभा बढ़ा रही थी तो वहीं शोभायात्रा में बैंड़, डीजे साउण्ड और दर्जनों ढोल ताशे धार्मिक धुन और गीत बजा रहे थे, जिसपर महिला, पुरुष, बच्चे बुजुर्ग सभी भक्ती श्रध्दा से सराबोर हो कर नाचने गाते झुमते शोभायात्रा में सहभागिता कर ऐतिहासिक आयोजन का साक्षी होने पर गर्व महसूस कर रहें थे।
शोभायात्रा का कारवां जब गंगा माता की बावड़ी से आजाद चौक, पटेल चौराहा, पिपली चौराहा, गांधी चौक, बस स्टैंड से प्रस्थान किया तो नगर में चौराहों पर नागरिकों ने शीतल पेय की व्यवस्था की और नगर में शोभायात्रा का चारों दिशाओं से पुष्प वर्षा कर भव्य स्वागत सत्कार का नज़ारा अद्भुत था। शोभायात्रा में श्री कालिका माता की तस्वीर लोगों के दर्शन हेतु बग्घी में सवार शोभायात्रा में बग्घी आगे चल रही थी, वहीं यज्ञनारायण भगवान की पालकी यज्ञ यजमानों द्वारा अपने सिर पर उठाए हुए थे। उसके बाद विशाल कलश यात्रा का कारवां चिलचिलाती धूप में नंगें पांव चल रहा था जिसका उत्साह और आस्था अपार थी, जय माता दी, जय मां कालिका भवानी के जयघोष गगनभेदी लग रहें थे, जिससे पूरा वातावरण भक्तिमय था। यज्ञाचार्य झांकी में सवार होकर नागरिकों का अभिवादन स्वीकार कर रहे थे। शोभायात्रा का कारवां श्री कालिका माता मंदिर प्रांगण पहुंचकर पूर्ण हुई। उसके पस्चात पूर्णाहुति, महाआरती और महाप्रसादी (विशाल भण्डारा) का आयोजन हुआ जिसमें हजारों की संख्या में धामनोद नगर और आस-पास के क्षेत्रों सहित दूरदराज़ क्षेत्रों से भी आएं भक्त जनों ने महाप्रसादी का लाभ लिया। वहीं धामनोद नगर में विशाल धार्मिक आयोजन को देखते हुए नगर में मैला व्यापारियों ने मैले में दुकानें लगाईं जहां नागरिकों ने जमकर खरीदारी भी की।