MP में शराब सिंडिकेट की मनमानी पर लगाम, शराब दुकानों पर क्यूआर कोड का डिजिटल पहरा

  
Last Updated:  अप्रैल 28, 2026 " 10:27 अपराह्न"

शराब दुकानों पर क्यूआर कोड का डिजिटल पहरा,
10 दिन तक आबकारी विभाग का विशेष सर्च ऑपरेशन,
क्यूआर कोड चस्पा न करने वाले लायसेंसियों पर गिरेगी गाज

भोपाल (स्पष्ट खबर)। प्रदेश की मदिरा दुकानों पर हो रही मनमानी वसूली और नियमों के उल्लंघन को रोकने के लिए अब तकनीक और सख्ती करने का निर्णय लिया है। विभाग के संज्ञान में आया है कि कई जिलों में शराब की दुकानों पर न केवल अधिकतम विक्रय मूल्य एमआरपी से अधिक दाम वसूले जा रहे हैं, बल्कि प्रतिस्पर्धा के चलते न्यूनतम विक्रय मूल्य एमएसपी से कम पर भी मदिरा बेची जा रही है। इस गंभीर अनियमितता को विभागीय निर्देशों की खुली अवहेलना मानते हुए आबकारी आयुक्त श्री दीपक सक्सेना ने अब हर मदिरा दुकान पर ‘क्यूआर कोड’ चस्पा करना अनिवार्य कर दिया गया है। उन्होंने कहा कि यह व्यवस्था उपभोक्ताओं को सशक्त बनाएगी, जिससे वे मौके पर ही अपने स्मार्टफोन से स्कैन कर ब्रांड की वास्तविक और कानूनी दरों का सत्यापन कर सकेंगे।

अब हर मदिरा दुकान पर ई-आबकारी पोर्टल द्वारा जनरेटेड क्यूआर कोड लगाना अनिवार्य है। इसे स्कैन करते ही उपभोक्ता के मोबाइल पर संबंधित जिले की रेट लिस्ट खुल जाएगी। कोई दुकान संचालक यदि निर्धारित एमएसपी से कम या एमआरपी से ज्यादा पर बिक्री करता है, तो मध्यप्रदेश राजपत्र की कंडिका 21.2 एवं 21.3 के तहत उसके विरुद्ध लाइसेंस निरस्तीकरण जैसी कठोर वैधानिक कार्यवाही की जाएगी। उपभोक्ता अब सीधे मौके पर ही रेट का मिलान कर सकेंगे।

यह कदम उपभोक्ताओं को पारदर्शी सेवाएं देने की दिशा में एक बड़ा बदलाव है। ई-आबकारी पोर्टल के माध्यम से जिला अधिकारियों को विशेष क्यूआर कोड उपलब्ध कराए गए हैं, जिन्हें दुकानों के प्रमुख हिस्सों पर लगाना होगा। कोई लायसेंसी यदि इन नियमों की अनदेखी करता है या निर्धारित दरों से अलग बिक्री करता पाया जाता है, तो उसे भारी दंड का सामना करना पड़ेगा। मदिरा उपभोक्ताओं को उचित मूल्य पर उत्पाद उपलब्ध कराना सर्वोच्च प्राथमिकताओं में शामिल है और इसमें किसी भी स्तर पर कोताही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। इसी पारदर्शिता को जमीन पर उतारने के लिए प्रदेश भर में 28 अप्रैल 2026 से 7 मई 2026 तक एक विशेष 10 दिवसीय जांच अभियान चलाया जा रहा है, जिसकी रिपोर्ट 11 मई तक अनिवार्य रूप से तलब की गई है।

मदिरा दुकानों पर विक्रय मूल्यों के सत्यापन हेतु चस्पा किये जाने वाले क्यूआर कोड सम्बन्धी निर्देश

1. क्यूआर कोड को ए-3 आकार के स्टिकर पेपर पर प्रिंट कराया जाये।

2. पेपर न्यूनतम 250 जीएसएम की गुणवत्ता का होना चाहिए।

3. स्टिकर में ग्लू पर्याप्त गुणवत्ता/मात्रा का होना चाहिए, जिससे इसे एक बार चस्पा होने पर निकाला न जा सके।

4. प्रत्येक मदिरा दुकान हेतु 5 क्यूआर कोड प्रिंट कराये जाएं :-

I. 3 क्यूआर कोड को अभी मदिरा दुकान के ऐसे स्थानों पर चस्पा कराये जाएँ जहाँ से अधिकतम उपभोक्ताओं द्वारा इन्हें आसानी से स्कैन किया जा सके।

II. शेष 2 क्यूआर कोड को भविष्य में आवश्यकता हेतु सुरक्षित रखा जाए, जिन्हें पूर्व में चस्पा क्यूआर कोड फटने अथवा क्षतिग्रस्त होने पर पुनः चस्पा कराया जाए।

5. क्यूआर कोड विभाग द्वारा प्रिंट कराये जाकर मदिरा दुकानों पर चस्पा कराये जाएँ, जिसका स्टेशनरी हेतु निर्धारित कोषालय शीर्ष से भुगतान किया जाये।

6. सम्बंधित वृत्त प्रभारी द्वारा मदिरा दुकान के क्यूआर कोड को स्कैन किया जाकर यह परिक्षण कर लिया जाए कि इसके माध्यम से मदिरा के विक्रय मूल्य (एमएसपी एवं एमआरपी) की जानकारी प्रदर्शित हो रही है।

7. क्यूआर कोड चस्पा होने पर, सम्बंधित वृत प्रभारी से मदिरा दुकान की फोटो प्राप्त की जाए जिसमे क्यूआर कोड प्रदर्शित हों। समस्त दुकानों पर उक्त कार्यवाही होने पर कार्यपूर्णता प्रमाण पत्र इस कार्यालय को प्रेषित किया जाए।

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