साहब मैरे घर पर 10 वर्षों से अतिक्रमण किया हुआ है।
मुकेश चौधरी
रतलाम, 28 फरवरी, (स्पष्ट खबर)। मध्यप्रदेश के रतलाम जिले के धामनोद नगर में जहाँ पडोसी की एक चिट्ठी (शिकायत) पर नगर परिषद सीएमओ के आदेश पर वर्ष 2009 के भूखण्ड पट्टाधारी का झोपड़ा 6 दिनों के भीतर हटाकर सामग्री जप्त कर अतिक्रमण हटाने की कार्यवाही का नाम देने वाली नगर परिषद धामनोद , बाबुलाल पाटीदार के भूखण्ड से अतिक्रमण हटाने के नाम पर वर्षों से निष्क्रियता का प्रदशन कर रहीं हैं।
मामला कुछ इस प्रकार हैं कि
रतलाम जिले की धामनोद नगर परिषद के दीनदयाल नगर निवासी बाबुलाल पिता अम्बाराम पाटीदार को दिनांक 20/07/2009 को तत्कालिन ग्राम पंचायत धामनोद द्वारा आवासीय भूखण्ड पट्टा तत्समय प्रचलित विध अनुसार दिया जा कर बाबुलाल को कब्जा दिया गया था जिस पर बाबुलाल ने झोपड़ा बनाया था,
लेकिन कुछ ही समय में उक्त भूखण्ड पर एक अन्य व्यक्ति ने तत्कालिन ग्राम पंचायत द्वारा जारी किया भूखण्ड पट्टा दिखा कर अतिक्रमण कर लिया तब से बाबुलाल बेघर होकर वर्ष 2010 से नगर परिषद धामनोद के चक्कर लगाने के साथ ही जिला कलेक्टर, एवं जिला पुलिस अधीक्षक को भी आवेदन देकर इंसाफ की गुहार लगा चुका है लेकिन अभी तक गरीब बाबुलाल को अपना घर नहीं मिला है।
अपात्रों को भूखण्ड पट्टे दिए जाने व फर्जी पट्टे दिए जाने की शिकायत,वर्ष 2017 में जिला कलेक्टर को की थी।


पिडित शिकायतकर्ता बाबुलाल पाटीदार ने 10/01/2017 को कार्यालय जिला कलेक्टर रतलाम में जनसुनवाई में आवेदन देखकर वर्ष 2005 से 2009 की ग्राम पंचायत ने एक प्लाट पर दो पट्टे अलग अलग व्यक्ति को भूखण्ड पट्टे देने, एवं तत्कालिन ग्राम पंचायत द्वारा किए गए शासकीय भूमि घोटाले तथा समस्त भूखण्ड पट्टों की जांच करने का आवेदन दिया गया था , जिसकी जांच के निर्देश स्थानीय नगर परिषद सीएमओ को दिया गया,
जिस पर नगर परिषद धामनोद सीएमओ ने 28/04/2017 को जांच की जिसमें फर्जी भूखण्ड पट्टे, एक भूखण्ड पर अलग अलग दो पट्टे दिए जाने तथा भूमि घोटाले का कोई जिक्र नहीं था
मुख्य नगर पालिका अधिकारी नगर परिषद धामनोद ने जांच उपरांत अपने प्रतिवेदन में केवल इस बात की जानकारी दि गई कि आवेदक बाबुलाल पिता अम्बाराम पाटीदार निवासी धामनोद को तत्कालिन ग्राम पंचायत धामनोद द्वारा दीनदयाल नगर धामनोद में पट्टा दिया गया जाकर कब्जा दिया गया था जिस पर आवेदक द्वारा झोपड़ा बनाया गया।
तत्कालिन ग्राम पंचायत धामनोद द्वारा पट्टे तत्समय प्रचलित विधि अनुसार दिये जाकर आवेदक को भी पट्टा जारी किया गया था ।
शिकायतकर्ता बाबुलाल पाटीदार ने एक भूखण्ड पर दो पट्टे जारी करने तथा ग्राम पंचायत कार्यकाल में दिये गए समस्त पट्टे की जांच की मांग की थी जो नहीं होने से बाबुलाल पाटीदार की समस्या आज भी बरकरार है ।
वहीं 25/02/2020 को मुख्य नगर पालिका अधिकारी ने मामला अपने संज्ञान में आने का बता कर एक शिकायती चिठ्ठी पर नगर परिषद की सुविधाएं भोगने वाले परिवार का कब्जा अतिक्रमण के नाम पर हटा दिया गया है, लेकिन बाबुलाल की शिकायत पर आज तक संज्ञान नहीं लिया गया हैं।
बाबुलाल पिता अम्बाराम पाटीदार के मामले में अभी तक कार्यवाही नहीं होना नगर परिषद की कार्यप्रणाली पर कई प्रशन्न चिन्ह लगाती हैं।

पुलिस अधीक्षक रतलाम को शिकायत कि थी।
वहीं बाबुलाल पाटीदार ने वैध भूखण्ड से अवैध कब्जा हटाने, फर्जी भूखण्ड पट्टों की जांच करने को लेकर दिनांक 25/05/2018 को पुलिस अधीक्षक रतलाम को भी शिकायत की थी।
जिसमें आवेदक ने सिधे तोर पर तत्कालिन ग्राम पंचायत सरपंच, सचिव, एवं एक अन्य दलाल पर रुपये लेकर पुरानी तारीख दिनांक में भूखण्ड पट्टे देने का आरोप भी लगाया था लेकिन अभी तक इस ओर किसी प्रकार की कार्यवाही होने की जानकारी नहीं है।
एक बार फिर से बाबुलाल ने 27 फरवरी, 2020 को मुख्य नगर पालिका अधिकारी के नाम एक आवेदन देकर अपने झोपड़े से अवैध अतिक्रमण हटाने की मांग को लेकर शिकायत की हैं
अब देखना यह है की अतिक्रमण के संबंध में अतिक्रमणकर्ता के पडोसी की केवल एक चिठ्ठी पर 6 दिवस के भीतर कार्यवाही करने वाले मुख्य नगर पालिका अधिकारी बाबुलाल की इस शिकायत पर कब संज्ञान लेते हैं
ओर बाबुलाल को कब तक अपना हक मिलेगा।
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