सैकड़ो अतिक्रमण कर्ताओं की भीड़ में केवल भूखण्ड पट्टाधारी का अतिक्रमण सीएमओ के संज्ञान में आया

  
Last Updated:  फ़रवरी 25, 2020 " 09:18 अपराह्न"

मुकेश चौधरी

रतलाम/धामनोद,(स्पष्ट खबर)
मध्यप्रदेश के रतलाम जिले के धामनोद नगर परिषद सीएमओ ने अतिक्रमण हटाने के नाम पर सन 2009 के ग्राम पंचायत कार्यकाल के भूखण्ड पट्टाधारी कि झोपड़ी गिरा कर सामग्री जप्त की है
भूखण्ड पट्टाधारी ने नगर परिषद सीएमओ पर गंभीर आरोप लगाते हुए कहा है कि मैं 12 वर्षों से उक्त पते पर अपने परिवार के साथ निवासरत हूँ, जहाँ का विधुत कनेक्शन, के अलावा नगर परिषद व्दारा दिया गया नल कनेक्शन, व समय -समय पर अदा किया गया जल कर की रशीदे है जब की सैकड़ों लोगों के पास तत्कालीन ग्राम पंचायत कार्यकाल में दिए गए भूखण्ड पट्टे के अलावा संबंधित अन्य दस्तावेज नहीं है तथा कई लोगों ने बिना भूखण्ड पट्टे के भी अतिक्रमण कर मकान बना रखे हैं जिन पर कोई कार्यवाही नहीं कर केवल मैरा मकान गिराया गया ।

स्पष्ट मामला क्या हैं?
धामनोद नगर परिषद के वार्ड क्रमांक 15/12 दीनदयाल नगर निवासी राधाबाई पति दिनेशपुरी गोस्वामी का दीनदयाल नगर सर्वे क्रमांक 900/ में एक भूखण्ड पट्टा हैं जो वर्ष दिनांक 03/09/2009 में तत्कालीन ग्राम पंचायत सरपंच दयाराम खराड़ी के हस्ताक्षर से जारी किया हुआ है।
वर्ष दिनांक 07/8/2012 में राधाबाई को विधुत कनेक्शन लेने के लिए तत्कालीन नगर परिषद अध्यक्ष गेंदालाल भाभर ने अपने लेटर-पैड पर अनापत्ति प्रमाण-पत्र जारी किया था
जिसमें यह साफ शब्दों में अंकित है की पार्थी का वार्ड क्रमांक 15 में भवन स्थित है।
वहीं जब राधाबाई को अपने मकान पर नल कनेक्शन की आवस्यकता हुई तो नगर परिषद ने सशुल्क विधिवत् नल कनेक्शन भी दिया गया।
आर्थिक स्थिति ठिक नहीं होने के कारण कुछ समय से नगर परिषद का नल कर बकाया होने पर दिसम्बर 2019 को राधाबाई के नाम नगर परिषद धामनोद के जलकर की कुल राशि 3330 रुपये का, तहसील न्यायालय प्रागंण सैलाना में आयोजित नेशनल लोकअदालत का नोटिस भी मिला था ।
राधाबाई बताती है कि न्यायालय का से नोटिस मिलने पर हमने (माईक्रो फाईनेन्स कम्पनी से ) समुह लोन लेकर नगर परिषद धामनोद में जल कर के पिछला बकाया 3330 रुपये अधिभार 80 रुपयों सहित अप्रैल 2019 से मार्च 2020 तक के 600 रुपये समेत कुल 4010 रुपये दिनांक 18/12/2019 को जमा कर रशीद प्राप्त की है
फिर भी नगर परिषद सीएमओ ने मैरे भूखण्ड को अचानक अवैध मान कर 25 फरवरी को कार्यवाही कर मैरा सारा सामान टेक्टर ट्राली में भरकर ले गए ।

जिसके पास दीनदयाल नगर में एक फर्जी पट्टे के आधार पर कबजे वाले दो मकान, एवं वार्ड क्रमांक 06 में दो पैतृक मकान है उसके इशारे पर कार्रवाई की?

राधाबाई के पति दिनेशपुरी गोस्वामी ने आरोप लगाया है कि मैरी पत्नी के नाम के भूखण्ड के पास बगुबाई पति रामचंद्र ने अवैध कब्जा किया हुआ है ओर मैरे भूखण्ड को हथियाने के लिए
नगर परिषद में मैरी शिकायत कर सीएमओ से सांठगांठ कर हमारा मकान तोडा़ गया,
जबकि शिकायतकर्ता के पास फर्जी भूखण्ड पट्टा है जिस पर चतुर्सीमा दर्ज नहीं होने के अलावा सचिव की मोहर, हस्ताक्षर नहीं है तो वही दीनदयाल नगर में इनका पूर्व से एक कबजे वाला मकान ओर है
दोनों भूखण्ड पर एक ही पट्टे की छाया प्रति दिखाई जा रही हैं
तथा वार्ड क्रमांक 06 में निवास होकर दो पैतृक मकान है।
लेकिन इन पर कोई जाचं नहीं की गई।

कब एवं कैसे की पट्टे के भूखण्ड पर अतिक्रमण की कार्रवाई?

कार्यालय नगर परिषद धामनोद से दिनांक 20/02/2020 को रात्रि 8: 00 बजे, राधाबाई के नाम एक सूचना पत्र भेजा गया
जिसमें यह उल्लेख किया गया की दीनदयाल नगर स्थित श्रीमती बगुबाई पति रामचंद्र के घर के सामने झोपड़ी बनाकर आपके व्दारा अतिक्रमण किया गया।
हैं।
आप अपने भूखण्ड के संबंध में दस्तावेज लेकर कार्यालय नगर परिषद में 24 घंटे में उपस्थित होवे।
जिस पर राधाबाई ने अपने भूखण्ड पट्टे की छाया प्रति, नगर परिषद द्वारा बनाई गई नल जल कर की डायरी, नल जल कर की जमा रशीदे, विधुत बिल, विधुत कनेक्शन हेतु जारी अध्यक्ष का अनापत्ति प्रमाण-पत्र आदी, का जवाब संलग्न दिनांक 22 फरवरी, 2020 को किया गया।
लेकिन कार्यालय नगर परिषद से 22 फरवरी की रात्रि फिर एक सूचना पत्र राधाबाई के नाम जारी कर केवल इनके भूखण्ड पट्टे में त्रुटि बताई गई।
और 25 फरवरी साय को झोपड़े की लकड़ी, चद्दर, एवं उसमें रखा ग्रह सामान लेकर नगर परिषद के स्टोर रुम में रख दिया,
राधाबाई व इनके परिवार ने बताया की सामान जप्त किया तो मोका पंच नामा नहीं किया गया।

नगर परिषद द्वारा आननफानन की गई इस कारवाई से कई भूखण्ड पट्टेधारी गरीब व आम लोग जहां भय भीत है तो वहीं फर्जी भूखण्ड पट्टाधारी रसुखदार धनाठीयो के होंसले बुलंद हुए हैं।
नगर परिषद द्वारा की गई उक्त कारवाई पर इस बात से भी प्रशन चिन्ह लगते हैं कि राधाबाई को 20/02/2020 को जो सूचना पत्र भेजा गया उसमें यह उल्लेख किया गया कि आपके द्वारा बगुबाई पति रामचंद्र के मकान के सामने झोपडी़ बनाकर अतिक्रमण किया है।
तो वहीं 22/ फरवरी को दिए गए सूचना पत्र में केवल शासकीय भूमि पर अतिक्रमण का उल्लेख किया गया था।
तथा दोनो ही सूचना पत्र रात्रि को 8 से 9 बजे के बिच दिये गए,
कुल मिलाकर दो दिन में दो सूचना पत्र ।
उक्त कारवाई को लेकर भी सीएमओ के बयान स्पष्ट नहीं है
सीएमओ लक्ष्मीकांत शर्मा कहते हैं की मैरे संज्ञान में आया था अतिक्रमण, बगुबाई की ओर से नगर परिषद में चिट्ठी दिथी ।
नगर के गांधी चौक, खेड़ा, नई आबादी, धामनोद- सैलाना आंतरिक मार्ग, संजय कालोनी, दीनदयाल नगर, शमशान रोड़, गंगायत्ता नाले आदि क्षेत्रों के लिए भी लोगों तत्कालीन ग्राम पंचायतों द्वारा जारी किए भूखण्ड पट्टे के अतिक्रमण आखिर क्यों राबिनहुड नगर परिषद सीएमओ लक्ष्मीकांत शर्मा के संज्ञान में नहीं आए हैं।

एक नज़र राधाबाई के परिवार पर

पति- पत्नी व दो बच्चे, सास -ससूर, एव दो देवर परिवार का कार्य मजदूरी, खेती नहीं , केवल एक 12 + 20 का मकान हैं
वहीं नगर में कई रसूखदारों के पास पूर्व ग्राम पंचायतों से लिए गए एक से अधिक भूखण्डों पर गोदाम – तबेले बने हुए हैं तो वहीं कुछ ने तो वर्षों बाद भी उन पर निर्माण नहीं कर केवल कबजा जमाया हुआ हैं।

लक्ष्मीकांत शर्मा मुख्य नगर पालिक अधिकारी
नगर परिषद धामनोद जिला रतलाम।

आज अतिक्रमण तोडा़ है उसका मोका पंच नामा बनाया है।
राधाबाई ने जो नल कर भरा है उसके लिए वह आवेदन देगी तो उसने जितनी राशि जमा की है वो वापस कर दी जाएगी।
अतिक्रमण की शिकायत नहीं आई थी मैरे संज्ञान में अतिक्रमण आया था। बगुबाई की ओर से नगर परिषद में चिठ्ठी आई थी कि मैरे घर के सामने अतिक्रमण किया है।
बगुबाई के खिलाफ भी अगर भूखण्ड पट्टे अतिक्रमण संबंधि शिकायत आती हैं तो कार्यवाही की जाएगी।

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