28 सालों बाद अस्थाई तौर पर बुलेटफ्रूफ मंदिर में विराजेंगे रामलला, 20 मार्च तक तैयार हो जाएगा निर्माण कार्य

  
Last Updated:  मार्च 16, 2020 " 08:31 पूर्वाह्न"

अयोध्या. भव्य मंदिर निर्माण से पहले रामलला 28 वर्षों बाद अस्थाई तौर परबुलेटप्रूफ मंदिर में विराजेंगे। रामलला को नए मंदिर में स्थापित करने का काम तेजी से चल रहा है। इसमें मलेशिया से आई ओक की लकड़ी का भी प्रयोग होगा। गृह मंत्रालय की निगरानी में सात सदस्यीय टीम नए मंदिर के काम में रविवार शाम से ही जुट गई है। मंदिर स्थापित करने के लिए एक चबूतरा बनाया गया है। बताया गया कि वुड वर्क के बाद अंदर फाइबर की दीवार की फिटिंग होगी। यह काम 17 मार्च तक पूरा करने की कोशिश हो रही है। लेकिन फिनिशिंग व अन्य काम पूर्ण होने में दो दिन और लग सकता है। नया अस्थाई मंदिर हर हाल में 20 मार्च तक तैयार कर लिया जाएगा।

योगी करेंगे रामलला को स्थापित
अयोध्या के एमएलए वेद प्रकाश गुप्त ने रविवार को नए मंदिर स्थल का निरीक्षण किया। उन्होंने कहा कि सीएम योगी आदित्यनाथ 25 मार्च को सुबह4 बजे टेंट के मंदिर से राम लला को लाकर नए अस्थाई मंदिर में स्थापित करेंगे। उसी के बाद नवरात्र के पहले दिन से ही आम श्रद्धालुओं को नए मंदिर मे रामलला का दर्शन मिलना शुरू हो जाएगा।

24 फुट लंबे व 17 फुट चौड़ा होगा नया अस्थाई मंदिर
जिस चबूतरे पर रविवार से फाइबर मंदिर की फिटिंग का काम शुरू हुआ है। वह 24 फुट लंबा और 17 फुट चौड़ा है। जमीन से इसकी उंचाई साढ़े तीन फुट है। इसके ऊपर 25 फुट की उंचाई पर मजबूत एंगल पर छत बनेगी। चबूतरे के चारों तरफ मजबूत एंगल का जालीदार सुरक्षा कवच भी तैयार हो रहा है। यह सारा काम अब अंतिम दौर में चल रहा है। गर्मी से बचाव के लिए मंदिर में दो एसी भी लगेगी।

तीन तरफ से होंगे दर्शन
अभी तक रामलला का दर्शन 52 फुट की दूरी से होता था। लेकिन अब भगवान व श्रद्धालु के बीच की दूरी घटाई गई है। श्रद्धालु 20 फुट से ही दर्शन कर सकेंगे। साथ ही तीन तरफ से गुजरकर परिक्रमा भी कर सकेंगे। चबूतरे के किनारे 15 मीटर चौड़ा व 17 मीटर लंबा गैलरी मार्ग दर्शन के लिए रखा गया है। 17 मीटर लंबाई के गैलरी में पूरब दिशा में रामलला का मुख रहेगा। वहीं से दर्शन व आरती की व्यवस्था रहेगी।

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