लॉकडाउन में माइक्रो फाइनेंस कंपनियां नहीं कर रहीं कलेक्टर के निर्देशों का पालन-

  
Last Updated:  मई 18, 2020 " 08:06 पूर्वाह्न"

रतलाम/धामनोद:18 मई 2020(स्पष्ट खबर) कोरोना महामारी में जारी लॉकडाउन में जिला दण्डाधिकारी द्वारा जारी निर्देश का पालन नहीं कर माइक्रो फाइनेंस कंपनियों द्वारा अवहेलना करने के साथ ही धारा 144 का उल्लंघन तथा सोशल डिस्टेंस का मखौल उडाते हुए नागरिक सुरक्षा को खतरे में डालने वाला कृत्य किया जा रहां है|
एक ओर कोरोना महामारी के चलते लॉकडाउन में गरीब मजदूर वर्ग आजीविका चलाने में असमर्थ हो रहां है तो वहीं दूसरी ओर माइक्रो फाइनेंस कंपनियों द्वारा महिलाओं के समूहों को दिये गये समूह लोन की किश्त नगद राशि लेने के लिए फिल्ड में जा कर महिला समूहों की बैठकें आयोजित कर किश्त की नगद राशि की उगाही कर मानसिक एवं आर्थिक प्रताड़ना दे रहीं हैं|
ग्रामीण क्षेत्रों से मजदूरी पर गए मजदूर वर्ग अपने घर लोट आऐ हैं
खेती किसानी की मजदूरी मई माह में उपलब्ध नहीं है,
गरीब वर्गों को शासन की मदद मिल रही है जिससे इनको कुछ राहत मिली है लेकिन माइक्रो फाइनेंस कंपनियां इस विकट घड़ी में भी अपने ब्याज के धंधे की उगाही करने से बाज नहीं आ रही है और न प्रशासन के निर्देशों का पालन कर रहे हैं

पुरे समूह को दुसरी बार लोन नहीं देने एवं बैंकों में डिफाल्टर करवाने की धौंस दी जा रहीं हैं-

मिली जानकारी अनुसार माइक्रो फाइनेंस कंपनियों से लिया गया लोन की किश्त चुकाने के लिए गरीब वर्ग अनाज एवं घरेलू सामान बेचने को मजबूर हो गया है किसी भी हाल में किश्त जमा कराने को मजबूर है
इनको कहाँ जा रहा है कि अगर निर्धारित समय पर किश्त जमा नहीं करी है तो भविष्य में लोन नहीं दिया जाएगा और बैकों में डिफाल्टर करवा दिया जाएगा,
समूह महिलाओं में से ही एक महिला को माइक्रो फाइनेंस कंपनियां समूह का लिडर बना देती वह महिला समूह की अन्य महिलाओं को किश्त जमा करवाने की सूचना करती है,
तथा समूह में अगर कोई समय पर किश्त जमा करने में असमर्थ हो तो माइक्रो फाइनेंस कंपनी द्वारा उक्त किश्त समूह की अन्य महिलाओं से जमा करवाये जाते हैं ,

जिला दण्डाधिकारी का आदेश क्या है पढ़े-

दिनांक 30 मार्च 2020 को जिला दण्डाधिकारी श्रीमती रुचिका चौहान ने दण्ड प्रकिया संहिता 1973 की धारा 144 के तहत् रतलाम जिले में कार्यरत सभी माइक्रो फायनेंस कम्पनियों, साहूकारों, शहरी साख सहकारी संस्थाएं एवं वित्तीय लेनदेन करने वाली अन्य संस्थाएं, व्यक्तियों जिनके द्वारा स्वयं सहायता समूह, छोटे कोरोबारियों, किसी व्यक्ति या व्यक्तियों के समूहो आदि को वित्तीय सहायता/ ऋण प्रदान करते हैं एवं दैनिक, साप्ताहिक या त्रैमासिक किश्तों की वसूली करते हैं, वे ऐसे किश्तों, ब्याज वसूली अगली तीन माह (1 मार्च से 31 मई तक) तक स्थगित कने एवं ऐसी किश्तों को आगे बढाने के निर्देश दिए थे,

माइक्रो फाइनेंस कंपनी का सेल्समैन धामनोद में ले रहा था समूह की बैठक-

माइक्रो फाइनेंस कंपनी का सेल्समैन धामनोद दीनदयाल नगर में एक घर पर समूह बैठक कर किश्त राशि लेने आया था कलेक्टर का निर्देश याद कराया तो रवाना हो गया,

धामनोद नगर के वार्ड कं 12 दीनदयाल नगर में एक घर के अंदर छोटे कमरे में 15 से 20 महिलाओं की बैठक कर माइक्रो फाइनेंस कंपनी का सेल्समैन किश्त उगाही कर रहा था
जहाँ धारा 144 का उलंघन करते हुएं सोशल डिस्टेंस का पालन नहीं करते हुए 15 से 20 महिलाओं की बैठक रखी गई जिसमें माइक्रो फाइनेंस कंपनी के सेल्समैन ने तक मास्क नहीं लगाया था,
जब हमारे द्वारा उक्त सेल्समैन से जिला कलेक्टर श्रीमती रुचिका चौहान द्वारा जारी निर्देश की बात कहीं गई एवं अधिकारियों को अवगत करवाने की बात कहीं तो उक्त माइक्रो फाइनेंस कंपनी का सेल्समैन तुरंत अपनी मोटर साइकिल लेकर चलता बना,
मिल रहीं जानकारी अनुसार क्षेत्र में माइक्रो फाइनेंस कंपनी के सेल्समैन क्षेत्र में किश्त वसूली कर रहे हैं
लोन की किश्त चूका ने वाली महिला समूह को चिंता है कि अगर शिकायत कीऔर लोन की किश्त जमा नहीं करेंगे तो अगली बार लोन नही मिलेगा इस कारण प्रशासन को भी इस बारेमे अवगत नहीं करवाया जा रहा है|
अब ऐसी स्थिति में स्थानीय फिल्ड अधिकारियों को ही इन पर कार्रवाई करवाने की आवश्यकता है,

उक्त सेल्समैन की डिलक्स मोटर साइकिल क्रमांक..

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