धामनोद बांध में खोदे गयें गढ्ढे में गिरी बालिका की डूबने से मोत-

  
Last Updated:  मई 16, 2020 " 11:42 पूर्वाह्न"

अवैध उत्खनन कर तालाब को भूलभुलैया बना दिया गया-


रतलाम/धामनोद:16 मई 2020(स्पष्ट खबर)| रतलाम जिला मुख्यालय से 14 किमी धामनोद नगर से 3 किमी की दुरी ताजपुरीया मार्ग स्थित धामनोद बांध में गढ्ढे में गिरने से डूबने पर गोपालपुरा ग्राम पंचायत के गांव ताजपुरीया की एक बालिका उम्र करीबन 6 वर्ष की मृत्यु हो गई,
सूचना मिलने पर पुलिस चौकी धामनोद प्रभारी ने बल के साथ मोके पर पहुँच कर मोका पंचनामा बनाकर शव पोस्टमार्टम के लिए भिजवाया है|

घबराहट के मारे बहन के डूबने की बात दुसरे दिन बताई परिजनों को-

मोके से मिली जानकारी अनुसार शुक्रवार को मृतक बालिका शारदा पिता मानसिंह उम्र 6 वर्ष निवासी गांव ताजपुरीया ग्राम पंचायत गोपालपुरा अपने भाई सुभाष उम्र 9 वर्ष के साथ धामनोद बांध तालाब पर आए थे
तालाब में एक गहरा गढ्ढा हैं इसमें संभवतः पानी पीने के लिए बालिका किनारे पर गई ओर पांव फिसलने से गढ्ढे में डूबने से मृत्यु होने का अंदेशा लगाया जा रहा है
बहन को डूबता देख भाई सुभाष गाँव चला गया और घबराहट के मारे किसी को नहीं बताया, जब शनिवार तक भी बालिका नहीं दिखाई दी तो इनके काका मनोहर मईडा़ ने सुभाष से पुछताछ की तब इसने बताया की बहन तो तालाब में डूब गई, जिस पर काका मनोहर ने ग्राम पंचायत गोपालपुरा के सरपंच कन्हैयालाल मईडा़ एवं गाँव में सूचना कर सुभाष को लेकर धामनोद तालाब पर पहुंचे जहां सुभाष ने एक गढ्ढा बताया जहाँ बालिका का शव पानी में दिखा, जिसकी सूचना पुलिस चौकी धामनोद को मिलने पर चौकी प्रभारी ध्यानसिंह सोलंकी एवं प्रधान आरक्षक सुशील त्यागी ने घटनास्थल का मोका मुआयना कर मृतक बालिका का शव पानी से बाहर निकलवाया और नागरिकों एवं मृतक के परिजनों की उपस्थिति में मोका पंचनामा बनाकर शव परिजनों के सुपूर्द किया गया है,

पूरे तालाब का स्वरूप बिगाड़ कर भूलभुलैया बना दिया गया-

धामनोद बांध में बिना रोकटोक के अवैध उत्खनन कर भारी मात्रा में मिट्टी का परिवहन वर्षों से जारी है, गर्मी के दिनों में तालाब में अवैध उत्खनन करने वालों ने पूरे तालाब का स्वरूप बिगाड़ कर जगह जगह गढ्ढे बना दिए है,
जब यह गढ्ढे पानी से भरे रहते हैं तब चरवाहें इनकी गहराई का अंदाजा नहीं लगा पाते हैं,
उक्त तालाब में जगह जगह गढ्ढे बने होने के कारण आदिवासी क्षेत्रों के रहवासी अपने बच्चों की सुरक्षा के लिए चिंतित रहते हैं
इस तालाब में पशुओं को पानी पी लाने के लिए बड़ी संख्या में छोटे बच्चे भी आते हैं जो तालाब में भूलभुलैया नुमा गढ्ढों के कारण भय में रहते हैं,
घटना स्थल के मोके पर उपस्थित लोगों ने बताया कि तालाब में अवैध उत्खनन करने वालों ने तालाब में जगह जगह गढ्ढे बना दिए गए हैं तालाब में पशु पानी पीने आए और इन गढ्ढों में गिर जाए तो पशु भी नहीं निकल सकता है|
धामनोद बांध तालाब में अवैध उत्खनन कर मिट्टी निकालने से जहाँ तालाब को नुकसान हो रहां है वही बेतरतीब खोले गए गढ्ढे क्षेत्र में जन एवं पशु हानि का कारण भी बन सकते हैं लेकिन जल संसाधन विभाग के जवाबदार अवैध उत्खनन पर मौन हैं, बताया जाता है कि बालिका जिस गढ्ढे में गिरी वह गढ्ढा गतवर्ष तालाब के नवीन गेट निर्माण के दौरान पीने के पानी की आवश्यकता के लिए खुदवाया गया था,

दिमागी रुपसे कमजोर माँ को एहसास नहीं, की अब बेटी नहीं रहीं-

मृतका बालिका की माँ कारीबाई पति मानसिंह को गाँव के नागरिकों ने ताजपुरीया स्थित इनके घर पर सुचना देकर कारीबाई को घटना स्थल पर लाया गया लेकिन कारीबाई अपनी बच्ची के शव से करीब 100 फिट की दूरी पर ही रूक गई और घूंघट ओढ़े खडी़ रहीं,
बताया जाता है कि कारीबाई की दिमागी हालत ठिक नहीं है,
पति की मृत्यु पूर्व में हो चुकी है , मृतक बालिका शारदा समेत
इनके दो लड़कियां एवं एक लडका है तीनों नाबालिग है जिनकी परवरिश यह इसी मानसिक बिमार होने के बाद भी जैसे तेसै कर रहीं थी,
एक देवर मनोहर है जो इनसे अलग रहता है,
कारीबाई का परिवार अतयंत गरीब हो कर असहाय है,
परिवार की हालत जान कर पोस्टमार्टम के बाद पुलिस चौकी धामनोद द्वारा बालिका के अंतिम क्रिया में मदद की पेशकश की गई थी लेकिन गाँव के नागरिकों एवं रिस्तेदारो ने अपने द्वारा व्यवस्था कर लेना बताया|

गिरीश जोशी एसडीओ जल संसाधन विभाग-
तालाब में उक्त गढ्ढे एवं अवैध उत्खनन करने वालों की जानकारी निकलवाई जा रहीं हैं
मै चौकीदार को भेज कर पता करवा रहां हूँ,

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