भूखण्ड पर बाहरी व्यक्ति को कब्जा दिलाने आये नगर परिषद कर्मचारियों का रहवासियों ने किया जमकर विरोध-
Last Updated: अक्टूबर 1, 2020 " 08:59 पूर्वाह्न"
रतलाम/धामनोद | दीनदयाल नगर में भूखण्डों को लेकर मौके पर रहवासियों ने नगर परिषद कर्मचारियों का जम कर विरोध कर गंभीर आरोप भी लगाये| मामला धामनोद नगर के चर्चित भूखण्ड घोटाले से संबंधित होकर नगर परिषद द्वारा बाहरी व्यक्ति को भूखण्ड पर कब्जा दिलाने को लेकर है | बुधवार को नगर परिषद के दो कर्मचारी दीनदयाल नगर रोड़ के पास शासकीय भूमि पर एक झोपड़े के पास पहुंचे और झोपड़े के स्थान पर रतलाम निवासी शेर मोहम्मद का भूखण्ड बताया और झोपड़े में निवास करने वाले की खोजबीन करी जिसमें नागरिकों ने बताया कि वह गरीब मजदूर है जो मजदूरी पर गया है, वहीं जब नगर परिषद कर्मचारियों ने उक्त गरीब मजदूर के झोपड़े पर रतलाम निवासी व्यक्ति का भूखण्ड होना बता तो नागरिकों ने नगर परिषद कर्मचारियों को जमकर खरी खोटी सुनाई, नागरिकों का आरोप था कि पिता अगर स्टाम्प पर लिख कर दे तब भी पुत्र के नाम पर भूखण्ड मकान संपत्ति नगर परिषद में हस्तांतरण नहीं करी जाती है तो शेर मोहम्मद ने स्टाम्प पर अनुदान का भूखण्ड खरीद कर नगर परिषद अचल संपत्ति कर रिकार्ड में भूखण्ड पर नाम हस्तांतरण कैसे करवाया |
बगैर नोटिस सूचना के कार्रवाई करने पहुंचे नपं कर्मचारी- गरीबों के खिलाफ नगर परिषद के नियम कायदे बदल गयें ?
नगर में गौबर के उकलों ढेर गंदगी होने की शिकायतें नागरिकों द्वारा बार बार करने पर भी नगर परिषद के जवाबदारों द्वारा तुरंत एक्शन नहीं लेकर संबंधित को नोटिस पर नोटिस जारी कर नियम कायदों से कारवाई करने की बात कि जाती है, लेकिन बुधवार को धामनोद नगर के दीनदयाल नगर में एक गरीब के झोपड़े को हटवाने के लिए बगैर नोटिस सूचना दिये नगर परिषद कर्मचारी प्रकृट हो गये लेकिन रहवासियों के विरोध के फलस्वरूप उलटे पांव लोटना पडा़, नगर परिषद रिकॉर्ड से प्राप्त जानकारी अनुसार दीनदयाल नगर में कुल 193 अचल संपत्ति रिकॉर्ड में दर्ज है जो सर्वे नंबर 900/1 , 900/2, 900/3 में दर्ज है तो नियम कायदों की पाबंध नगर परिषद पहले यह तो तय करें कि गरीब का झोपडा वास्तव में दीनदयाल नगर की आबादी क्षेत्र के उक्त सर्वे नम्बर में है भी या नहीं |
धामनोद भूखण्ड घोटाला: अनुदान का भूखण्ड रतलाम निवासी शेर मोहम्मद ने पंचायत कर्मचारी से 71 हजार में खरीदा
नगर परिषद कर्मचारियों एवं उक्त भूखण्ड को अपना बताने वाले बाहरी व्यक्ति का रहवासियों ने जम कर विरोध किया जिस पर नगर परिषद कर्मचारी एवं उक्त व्यक्ति उलटे पांव लोट गये|
उपस्थित नागरिकों ने कहा कि ग्राम पंचायत ने गरीबों को भूखण्ड पट्टे निवास करने के लिए दिये थे तथा उक्त भूखण्ड पट्टे प्रमाण पत्र पर स्पष्ट लिखा हुआ है कि संबंधित को एक वर्ष में निर्माण करना है अन्यथा भूखण्ड पट्टा स्वत निरस्त माना जाएगा ,
लेकिन नगर परिषद के कर्मचारी स्वत निरस्त भूखण्डों को भी वैध कर शासकीय भूमि पर धनाठी एवं बाहरी लोगों के कब्जे करवा रहे हैं, नागरिकों का कहना था कि भूखण्ड घोटाले के मामले की जांच हेतु कलेक्टर को आवेदन ज्ञापन दिए गए हैं अगर समय पर जांच नहीं होती है और स्थानीय नगर परिषद द्वारा इस प्रकार से धनाठी एवं बाहरी व्यक्तियों को शासकीय भूमि पर कब्जा करवायेगी तो आदोलन के लिए मजबूर होना पडेगा|