किसान आंदोलन को एचएस फुल्का का समर्थन, सुप्रीम कोर्ट के बाहर दिखाई एकजुटता
Last Updated: नवम्बर 29, 2020 " 11:18 अपराह्न"
नई दिल्ली| किसान आंदोलन और सरकार के बीच कोई हल निकलता हुआ नहीं दिख रहा है। आंदोरनकारी किसानों ने सरकार के प्रस्ताव को सिरे से खारिज कर दिया है। वहीं उनके आंदोलन को और भी समर्थन मिल रहा है। दिल्ली हाईकोर्ट के वरिष्ठ अधिवक्ता और पद्मश्री अवार्डी एचएच फुल्का ने भी किसानों को समर्थन दिया है।
सरकार से मांग वाजिब
वरिष्ठ अधिवक्ता एचएस फुल्का ने ‘दिल्ली चलो’ विरोध के किसानों के साथ एकजुटता व्यक्त करने के लिए सुुप्रीम कोोर्ट के बाााहर वकीलों के साथ अपना समर्थन जाहिर किया। उन्होंने कहा, “उनके विरोध को राजनीतिक रंग में रंगना गलत है। उनकी मांग वाजिब है और सरकार को उन्हें स्वीकार करना चाहिए।
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सरकार का प्रस्ताव ठुकराया
नए कृषि कानूनों के खिलाफ विरोध प्रदर्शन कर रहे किसान पीछे हटने को तैयार नहीं हैं। किसान संघों ने दोपहर दो बजे दोबारा मीटिंग की। इससे पहले पंजाब के 30 किसान संघों की सुबह 11 बजे बैठक हुई। दोपहर की मीटिंग के बाद किसानों ने प्रेस कॉन्फ्रेंस करते हुए सरकार पर हमला बोला। किसानों ने कहा कि सरकार ने हमारे आंदोलन का अनादर किया। हम लोगों ने बुराड़ी मैदान में आंदोलन करने का सरकार का प्रस्ताव खारिज कर दिया है। किसानों ने कहा कि बुराड़ी मैदान नहीं ओपन जेल है।
पूरी तैयारी से हैं किसान
किसानों ने कहा कि हम पूरी व्यवस्था के साथ यहां आए हैं। हमारे पास चार महीने का पर्याप्त राशन पानी है। उन्होंने कहा कि हम बुराड़ी मैदान में आंदोलन नहीं करेंगे हमको रामलीला मैदान या फिर जंतर मंतर पर आंदोलन करने की जगह सरकार को देनी चाहिए। गौरतलब है कि शनिवार को गृहमंत्री अमित शाह ने किसानों से अपील की थी कि वो दिल्ली के बुराड़ी इलाके में ही अपना आंदोलन करें और सरकार आपसे बातचीत के लिए तैयार है। जिसे किसान नेताओं से खारिज कर दिया है।