पुलिस की नौकरी से वक्त निकाल डाक्टर बन जाते हैं एसपी, कोरोना मरीजों का कर रहे इलाज-

  
Last Updated:  मई 1, 2021 " 09:33 अपराह्न"

इंदौर|  कानून व्यवस्था की जिम्मेदारी संभालते पुलिस अफसरों को हम रोज ही देखते हैं, लेकिन कोरोना संक्रमण से बुरी तरह जकड़े इंदौर में पुलिस के अधिकारी कोरोना मरीजों का इलाज भी कर रहे हैं। विशेष शाखा (एसबी) के एसपी डॉ. राजेश सहाय पुलिस अधिकारी होने के साथ डाक्टर भी हैं।
   पुलिस की नौकरी से वक्त निकालकर वे रोजाना सुबह-शाम पुलिस लाइन स्थित अस्पताल पहुंचते हैं और कोविड संक्रमित पुलिसकर्मियों और उनके स्वजन के उपचार में जुट जाते हैं। सहाय का 14 वर्षीय बेटा भी संक्रमित हैं, लेकिन वे बेटे की देखरेख, पुलिस की ड्यूटी और मरीजों का इलाज नियमित रूप से कर रहे हैं।
   डीआइजी श्री मनीष कपूरिया के मुताबिक सहाय ने एमबीबीएस और एमडी (एनेस्थीसिया) की डिग्री ली है। पुलिस विभाग में भर्ती होने के पहले वे बड़े अस्पताल में आइसीयू प्रभारी थे। मंगलवार को गृहमंत्री श्री नरोत्तम मिश्रा ने पुलिस लाइन स्थित जिस कोविड-19 अस्पताल का शुभारंभ किया उसे सहाय की देखरेख में ही तैयार किया गया है।
   वैसे तो यहां मेडिकल ऑफिसर डॉ. दिनेश आचार्य प्रभारी हैं, लेकिन सहाय भी उनके साथ यहां काम करते हैं। वे सुबह 11 बजे अस्पताल पहुंच जाते हैं और संक्रमित मरीजों का उपचार शुरू कर देते हैं। अस्पताल में एसपी पीपीई किट, फेस शील्ड, स्टेथोस्कोप धारण कर एक पेशेवर डाक्टर बन जाते हैं। एसपी को देख सैल्यूट करने वाले सिपाही भी उनसे डाक्टर की हेसियत से दर्द साझा करते हैं।
   डॉ. आचार्य के मुताबिक सहाय बहुत अच्छे डाक्टर हैं। वे इलाज के साथ-साथ पुलिसकर्मी और उनके स्वजन की इतनी अच्छी काउंसिलिंग करते हैं कि वे खुद को बेहतर महसूस करने लगते हैं। उनका 14 वर्षीय बेटा रुद्राक्ष भी कोरोना संक्रमित है, लेकिन वे रोजाना आकर मरीजों का उपचार कर रहे हैं।
   एसपी सहाय के मुताबिक पुलिस विभाग भी मेरा परिवार है। इस कठिन समय में मुझे देशसेवा के साथ रोगियों की सेवा का अवसर भी मिल रहा है यही मेरा सौभाग्य है। लोग डरे हुए हैं, उन्हें इलाज और अपनेपन की जरूरत है। हमारे प्रयासों से लोगों की जान बच सके इससे बेहतर और क्या हो सकता है।
पहले ही दिन 58 वर्षीय वृद्ध की जान बचाई
   पुलिस लाइन की ओपीडी तो चालू हो गई, लेकिन भर्ती गुरुवार से शुरू हुई। दोपहर को डीआरपी लाइन में पदस्थ सिपाही श्री चंदन शर्मा 58 वर्षीय पिता रमेश को लेकर अस्पताल पहुंचे। कोरोना के लक्षण देख डॉ. आचार्य ने जांच का सुझाव दिया। उस वक्त शर्मा का आक्सीजन लेवल 95 था। करीब एक घंटे बाद रिपोर्ट लेकर आए तो ऑक्सीजन लेवल 85 प्रतिशत रह गया। डॉ. आचार्य और डाक्टर सहाय ने प्राथमिक उपचार किया और एक घंटे बाद ऑक्सीजन लेवल 95 तक पहुंच गया। कुछ देर बाद उन्हें अरबिंदो अस्पताल रेफर करवा दिया।

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