सैलाना-धामनोद में सूखे की आहट: कभी जल संपन्न रहे नगर के 5 जलाशय सूखे, पेयजल और रबी दोनों पर संकट

  
Last Updated:  अक्टूबर 3, 2026 " 09:36 पूर्वाह्न"

Ratlam: सैलाना-धामनोद में सूखे की आहट: कभी जल संपन्न रहे नगर के जलाशय सूखे, पेयजल और रबी दोनों पर संकट

रतलाम(स्पष्ट खबर)। जिले के सैलाना और जल संपन्न नगर धामनोद में इस बार मानसून ने किसानों को गहन चिंतन में डाल दिया है। औसत से काफी कम बारिश के कारण क्षेत्र के नाले, कुएं, ट्यूबवेल, तालाब सब जवाब दे गए हैं। सिंचाई तो दूर की बात, अब सैलाना और धामनोद नगर में पेयजल संकट की आहट तेज हो गई है।

जल संसाधन विभाग और स्थानीय किसानों से मिली जानकारी के अनुसार क्षेत्र के प्रमुख जलस्रोतों की स्थिति बेहद चिंताजनक है

1. शिकारबाड़ी तालाब क्रमांक 01, सैलाना
जल संसाधन अनुभाग सैलाना के अधीन आने वाले इस तालाब में वर्तमान में 25 प्रतिशत से भी कम पानी बचा है। विभागीय सूत्रों के अनुसार इतने कम स्टोरेज में नहरों से सिंचाई के लिए पानी छोड़ना तकनीकी रूप से संभव ही नहीं है।

शिकारबाड़ी तालाब क्रमांक 01

2. शिकारबाड़ी तालाब क्रमांक 02, धामनोद – सबसे डरावना मंजर
इस तालाब का नजारा देखकर हर कोई सिहर उठता है। जहां कभी लबालब पानी होता था, वहां आज दूर-दूर तक सिर्फ सूखा मैदान और दरारें दिख रही हैं। तालाब के बीच एक गड्ढे में थोड़ा पानी जमा है, जो स्थानीय लोगों के अनुसार 8 से 10 दिनों में पूरी तरह सूख जाएगा।
सबसे बड़ा झटका: इसी तालाब से नगर परिषद सैलाना द्वारा पूरे सैलाना नगर में पेयजल आपूर्ति की जाती है, लेकिन इस वर्ष अल्पवर्षा के कारण नगर परिषद को इस तालाब से एक बूंद पानी भी नसीब नहीं हुआ है।

शिकारबाड़ी तालाब क्रमांक 02

3. गोवर्धन सागर तालाब, सैलाना
सैलाना नगर की पेयजल व्यवस्था और धामनोद के किसानों की सिंचाई के लिए यह सबसे महत्वपूर्ण जलस्रोत माना जाता है। इस बार कम बारिश से इसका भी गला सूख गया है, जलस्तर लगातार नीचे जा रहा है।

गोवर्धन सागर तालाब

4. रामसागर तालाब, धामनोद
इस तालाब में भी स्टोरेज क्षमता के मुकाबले काफी कम पानी है। पानी की कमी के कारण नहर में पानी छोड़ना संभव नहीं हो पा रहा है, जिससे किसानों को रबी से पहले ही सिंचाई की चिंता सताने लगी है।

रामसागर तालाब

5. धामनोद बांध – जीवनदायिनी पर संकट
धामनोद के किसानों के लिए जीवनदायिनी कहलाने वाले धामनोद बांध में पानी अब डेड स्टोरेज के आसपास ही बचा है। इस बांध से निकली 4 किमी लंबी पक्की नहर से सैकड़ों किसानों के खेतों में गेहूं, चना, मटर, लहसुन ,प्याज जैसी रबी फसलों की सिंचाई होती है। बांध खाली होने से इस बार रबी सीजन की बुआई पर भी संकट के बादल मंडरा रहे हैं।

धामनोद बांध

क्या है डेड स्टोरेज?
डेड स्टोरेज बांध के सबसे नीचे जमा वह पानी होता है, जिसे सामान्य गेट या नहर से बाहर नहीं निकाला जा सकता। इसे केवल मोटर पंप लगाकर इमरजेंसी में पीने के लिए उपयोग किया जा सकता है।

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