मानवता को सलाम: बेटे ने मना किया तो तहसीलदार ने कोरोना संक्रमित का अंतिम संस्कार किया
Last Updated: अप्रैल 21, 2020 " 07:42 अपराह्न"
भोपाल। मध्यप्रदेश में कोरोनावायरस से जूझ रहे सरकारी कर्मचारी/अधिकारियों की नित नई कहानियां सामने आ रही है। सोमवार और मंगलवार लगातार दो दिन दो पुलिस अधिकारियों की मौत के बावजूद भोपाल में तहसीलदार श्री गुलाब सिंह बघेल ने कोरोना वायरस से संक्रमित मरीज का अंतिम संस्कार किया क्योंकि उनके अपने बेटे ने पिता को मुखाग्नि देने से मना कर दिया था।
2 दिन तक शव मरचुरी में रखा रहा परंतु कोई नहीं आया
2 दिन पहले मध्य प्रदेश की राजधानी भोपाल में कोरोनावायरस संक्रमित श्री प्रेम सिंह मेवाडा की मृत्यु हो गई थी। 2 दिन तक शव मरचुरी में रखा रहा परंतु कोई नहीं आया। बैरागढ़ तहसीलदार श्री गुलाब सिंह बघेल ने जब उनके बेटे संदीप मेवाड़ा निवासी वार्ड नंबर 12 शुजालपुर जिला शाजापुर से संपर्क किया तो बेटे ने अपने पिता को मुखाग्नि देने से इंकार कर दिया।
लावारिस लाश की तरह नहीं जलाया बल्कि अंतिम संस्कार किया
मृतक प्रेम सिंह मेवाडा के बेटे संदीप मेवाड़ा ने लिखित में दे दिया कि वह अपने पिता को मुखाग्नि नहीं देगा। इसके बाद भोपाल जिले की बैरागढ़ तहसील के तहसीलदार श्री गुलाब सिंह बघेल ने कोरोनावायरस के संक्रमण के कारण मृत्यु को प्राप्त हुए प्रेम सिंह मेवाडा की चिता को मुखाग्नि दी। इतना ही नहीं वह सभी रस्में भी अदा की जो एक पुत्र करता है। प्रेम सिंह मेवाडा के शव को लावारिस लाश की तरह नहीं जलाया बल्कि अंतिम संस्कार किया गया।
बेटे संदीप सहित पूरे परिवार ने मना कर दिया था: कलेक्टर
उनके परिवार ने शव लेने से मना किया और जिला प्रशासन द्वारा ही अंतिम संस्कार कराने के लिए दबाब बनता रहा। उन्होंने अंतिम समय तक शव को लेने से मना कर दिया, जबकि जिला प्रशासन ने कोरोना प्रोटोकॉल के अनुसार सारी व्यवस्थाएं कर दी थीं। पीपीई किट, सेनेटाइजर, ग्लब्स आदि देने के बाद भी मृतक के पुत्र संदीप मेवाड़ा ने मुखाग्नि देने से मना कर दिया, इस निर्णय में मृतक की पत्नी और उनके साले भी साथ थे।