रतलाम/आवश्यकता वाले स्थानों पर तत्काल नगद वितरण केंद्र शुरू करें, डिफॉल्टर किसान प्रयास कर खातों को नियमित करें
Last Updated: सितम्बर 7, 2026 " 05:59 अपराह्न"
किसानों को सहकारिता सिस्टम से जोड़ें
Ratlam: कलेक्टर ने कृषि एवं किसान कल्याण से जुड़े विभागों की समीक्षा बैठक में दिए निर्देश
रतलाम (स्पष्ट खबर)। कलेक्टर अजय कटेसरिया ने कृषि एवं किसान कल्याण से जुड़े विभागों की समीक्षा बैठक में अधिकारियों को निर्देश दिए कि जिले के किसानों को सहकारिता सिस्टम से अधिक से अधिक जोड़ा जाए, ताकि उन्हें खाद, ऋण सहित अन्य कृषि संबंधी सुविधाओं के लिए भटकना न पड़े। उन्होंने कहा कि किसानों को सुविधाएं उपलब्ध कराने के साथ-साथ सहकारी समितियों को भी प्रभावी एवं सक्रिय बनाया जाए।
कलेक्टर ने जिले में लगभग 38 हजार डिफॉल्टर किसानों की स्थिति की समीक्षा करते हुए कहा कि डिफॉल्टर किसानों को भी प्रयास कर अपने खातों को नियमित करना चाहिए। उन्होंने कहा कि इससे किसानों को भविष्य में खाद एवं ऋण जैसी सुविधाएं प्राप्त करने में आसानी होगी तथा प्रशासन को भी अनावश्यक सख्ती नहीं करनी पड़ेगी। कलेक्टर ने संबंधित अधिकारियों से समिति वार डिफॉल्टर किसानों की सूची तथा उनके डिफॉल्टर होने के कारणों की जानकारी उपलब्ध कराने के निर्देश दिए। उन्होंने इस विषय को आगामी 16 सितंबर को आयोजित एएनएम की बैठक में भी रखने के निर्देश दिए।
कलेक्टर ने कहा कि जिले में पर्याप्त मात्रा में खाद उपलब्ध है। 6 सितंबर 2026 की स्थिति में जिले में यूरिया 6,873 मीट्रिक टन, डीएपी 2,870 मीट्रिक टन, एमओपी 685 मीट्रिक टन, एनपीके 6,082 मीट्रिक टन तथा एसएसपी 5,939 मीट्रिक टन उपलब्ध है। इस प्रकार जिले में सभी प्रकार के उर्वरकों की कुल उपलब्धता 22,449 मीट्रिक टन है।
जिला विपणन अधिकारी को निर्देश देते हुए कलेक्टर ने कहा कि खाद की एडवांस लिफ्टिंग का कार्य प्रारंभ किया जाए। उन्होंने जिले में पर्याप्त मात्रा में खाद उपलब्ध होने के बावजूद एनपीके की लिफ्टिंग कम होने तथा डीएपी की लिफ्टिंग अधिक होने पर चिंता व्यक्त की और आवश्यकता के अनुसार उर्वरकों की उपलब्धता एवं वितरण सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।
कलेक्टर ने कहा कि आदिवासी क्षेत्रों में सहकारी समितियों को पूरी तरह सक्रिय किया जाए। समितियों के माध्यम से किसानों को योजनाओं एवं सुविधाओं का लाभ मिले और अधिक से अधिक किसान सहकारिता से जुड़ें। उन्होंने समितियों के कार्यक्षेत्र का युक्तियुक्तकरण करने तथा खाद की मांग के संबंध में समय पर पर्याप्त डिमांड भेजने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि जहां खाद की आवश्यकता अधिक है, वहां तत्काल नगद वितरण केंद्र प्रारंभ किए जाएं, ताकि किसानों को खाद के लिए अनावश्यक रूप से परेशान या दूर न जाना पड़े।
बैठक में कलेक्टर श्री कटेसरिया ने प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना, किसान क्रेडिट कार्ड, ई-विकास प्रणाली, स्वाइल हेल्थ कार्ड, फसल ऋण, केज कल्चर, पशुपालन टीकाकरण, कृत्रिम गर्भाधान, पशुपालन तथा उद्यानिकी से संबंधित कार्यों की भी समीक्षा की। उन्होंने संबंधित विभागों को योजनाओं का प्रभावी क्रियान्वयन करते हुए पात्र किसानों एवं हितग्राहियों को समय पर लाभ उपलब्ध कराने के निर्देश दिए।
बैठक में सीईओ जिला पंचायत सुश्री वैशाली जैन सहित कृषि एवं किसान कल्याण से जुड़े विभागों के अधिकारी उपस्थित रहे।