रतलाम: दबंगों ने तालाब से पानी चोरी कर किया व्यापार, आदिवासी मछुआरें हुए बर्बाद- वीडियो देखें-
Last Updated: जून 17, 2021 " 08:00 अपराह्न"
रतलाम| शासन द्वारा मृतस्य पालन को बढावा देने हेतु मृतस्य पालन हेतु समुहों को अनुदान की राशि भी उपलब्ध करवाकर मृतस्य पालन को बढावा देकर रोजगार के अवसर दे रहीं हैं तो वहीं कुछ दबंग लोग एवं अधिकारियों की मिलीभगत से मृतस्य पालन घाटे का धंधा बनगया है| रतलाम जिला मुख्यालय से 14 किमी की दूरी पर धामनोद क्षेत्र के धामनोद बांध (बांडिया) तालाब में पानी की कमी के कारण हजारों मछलियाँ तड़प तड़प कर मर रहीं हैं| तालाब में मृतस्य पालन के पटटाधारी वनदेवी सहायता समुह के आदिवासी मछुआरों ने इस बारे में हमारे संवाददाता को सुचना कर मौके पर बुलाया जहाँ पर मौके पर सैकड़ों मछलियाँ पानी की कमी के कारण तड़प तड़प कर मर रहीं हैं| मौके पर वनदेवी स्वसहायता समुह द्वारा बताया गया कि दबंगों द्वारा तालाब सें इसरथुनी मार्ग तक लगभग दो किमी लम्बी भूमि गत पाइप लाइन बिछाकर विधुत पंप से पानी निकाला गया है |
तालाब में पानी की कमी होने पर मछलियाँ किचड़ में ऐसे मर रहीं हैं
मिली जानकारी अनुसार यह पानी एट लेन निर्माण में प्रति पानी टेंडर 300 रु में बेंचा जाने की बात सामने आई है| दबंगों द्वारा तालाब से डेट स्टोरेज का आरक्षित पानी भी निकाल लिया गया है जिस कारण तालाब में लाखों मछलियाँ मर रहीं हैं|
वनदेवी स्वसहायता समुह के अध्यक्ष प्रभुलाल ने बताया कि हमारे पास तालाब में मृतस्य पालन का पटटा है गत वर्ष 70 हजार में अलग अलग प्रजापति की मछलियों का बीज लाकर डाला था माल निकने एवं फायदा हो निकल रहा था और तालाब में पानी खत्म हो गया जिससे हमारा लगभग चार से पांच लाख रूपयों का नुकसान हो गया वहीं गर्भावस्था वाली मछलियाँ भी मर गई जिससे हमें फिर से मछली बीज लाने में मोटी रकम खर्च करना है लेकिन आमदनी हुई नहीं तो तालाब में अब कहाँ से मछलियों का बीज डालें, शासन को दोषीयों के खिलाफ कार्रवाई कर हम गरीब आदिवासियों को मुआवजा दिया जाए |
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स्पष्ट खबर ने उठाया था मुद्दा, अधिकारियों ने कार्रवाई के नाम पर पूरी की थी इतिश्री-
ज्ञात हो की स्पष्ट खबर ने खबर प्रकाशित एवं कार्य पालन यंत्री जल संसाधन विभाग को अवगत कराया गया था जिसपर कार्य पालन यंत्री एच के मालवीय ने एक्शन लेकर जल संसाधन के अधिकारियों को मौके पर भैजा था लेकिन जल संसाधन विभाग के इंजीनियर ने तालाब से पानी चोरी करने वाले का बचाव करने के उदेश्य से मौके पर पंचनामा में केवल 100 पानी टेंडर प्रति पानी टेंकर ₹ 100 के हिसाब से जुर्माना लगाने की बात मौके पर 2 जून को कहीं थी , मौके पर तालाब से भुमि पाइप लाइन देखीं लेकिन अधिकारियों ने उसकों नहीं निकलवाया और न एफआईआर दर्ज करवाई | सुत्रों की माने तो तालाब से 6 माह से भी अधिक समय से अवैध रूपसे पानी निकाल कर इसका व्यापार किया गया है तथा अनुमानित लगभग 5 से 6 लाख रुपये शासकीय पानी बेंच कर लुटे गयें है| तालाब से सिंचाई के लिए मिलने वाला पानी गेट से निचे आने पर उसकों डेट स्टोरेज मान कर वन्य प्राणी के लिए आरक्षित काया जाता है लेकिन तालाब से डेट स्टोरेज के बाद भी पानी निकाल कर हजारों वन्य जीवों को प्यासा मारने के साथ ही आदिवासी गरीब मछुआरों को बर्बाद कर दिया गया है|
इनका कहना है एच के मालवीय कार्य पालन यंत्री जल संसाधन विभाग रतलाम- सुचना मिलने पर अधिकारियों को मौके पर भेजा था, लोगों को समय रहते सुचना देनी थी , मछुआरों को जलदी जल्दी माल बेंच दे, मैं एसडीओ साहब को बोलकर मामला दिखलाता हूँ|