रतलाम: धामनोद तालाब में वन्यप्राणी पशुओं के लिए आरक्षित पानी संबंधित विभाग ने पांच लाख लेकर सडक निर्माण ठेकेदारों को दिया-

  
Last Updated:  जून 1, 2021 " 06:53 अपराह्न"

रतलाम | रतलाम जिला मुख्यालय से 14 किमी की दूरी पर धामनोद बांध में पशुओं, वन्यजीवों के लिए आरक्षित पानी भी संबधित विभाग ने बेंच कर मूकबधिर प्राणियों को प्यासा मारने का घोर निंदनीय कृत्य किया जा रहा है
धामनोद बांध की नहर से सैकड़ों किसानों द्वारा खेतों में सिंचाई कर खेती की जा रहीं हैं
पानी तालाब के गेट से नीचे उतरने पर नियमानुसार तालाब से सिंचाई बंद कर दी जाती है
बचा हुआ पानी वन्यप्राणी, पशुओं के लिए आरक्षित रहता है, लेकिन इस वर्ष जल संसाधन विभाग द्वारा लाखों वन्यप्राणी, जीवों, पशुओं को प्यासे मारने का कृत्य किया गया है|

इस तरह से तालाब में ओपन व भुमिगत पाइप लाइन डालकर विधुत पम्प से पानी निकाला जा रहा है
धामनोद बांध जहाँ केवल गड्ढे में बचा पानी


मिली जानकारी अनुसार धामनोद बांध का पानी एटलेन निर्माण में उपयोग हेतु ठेकेदारों को लगभग पांच लाख रुपये जमा करवाकर दिया गया है|
धामनोद बांध में पानी काफी कम बचा है जो बारिश का मौसम आने तक भी वन्यप्राणी पशुओं की प्यास बुझाने के लिए पर्याप्त नहीं है, फिर भी तालाब में विधुत पम्प डालकर पाइप लाइन बिछाकर तालाब में मात्र वन्यप्राणी पशुओं के लिए बचा पानी भी निकाल कर पानी टैंकरों से एटलेन प्लांट पहुचाया जा रहा
सुत्रों से मिलीं जानकारी अनुसार तालाब का मटमैला पानी सिमेंट कांक्रीट में उपयोग लिया जा रहा है|
तालाब पर मौके पर उपस्थित मछुआरों , ग्वालों, किसानों ने बताया कि बारिश में अभी 20 से 25 दिन बाकी है
लेकिन तालाब में इतना पानी नहीं है कि वन्यप्राणी पशुओं की प्यास भी बुझाई जा सकें और एटलेन निर्माण में पानी भी पहुचाया जाए तालाब में बने गड्ढे में केवल घुटनों तक पानी ही बचा हुआ है|

इनका कहना है-
एच के मालवीय कार्यपालन यंत्री जल संसाधन विभाग रतलाम

एटलेन निर्माण में पानी उपयोग हेतु दो ठेकेदारों ने लगभग पांच लाख रुपये विभाग के आफिस में जमा करायें है फिरभी में दिखवाताहू|

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