Ratlam:आदिवासी समाजजन द्वारा मनाया जा रहा तीज महोत्सव-

  
Last Updated:  अगस्त 21, 2024 " 08:19 अपराह्न"

रतलाम/धामनोद। जिले के धामनोद नगर में आदिवासी समाजजन द्वारा भव्य तीज महोत्सव का आयोजन किया गया। जिसमें महिलाओं ने बढ़-चढ़कर हिस्सा लिया। रक्षाबंधन के दो दिन बाद मनाया जाने वाले तीज पर्व का उत्सव रक्षाबंधन पर्व के दो दिन पूर्व प्रारंभ हो गया।

स्थानीय बाबा रामदेव मंदिर से नगर में महिलाएं गीत संगीत के साथ तीज माता की प्रतिमा का आभूषणों से सिंगार कर इनको अपने सिर पर रखकर मधुर भजनों के साथ बारी बारी से महिलाएं नृत्य करती मंगल गीत गाए। नगर भ्रमण करवाते हुए पून: बाबा रामदेवजी मंदिर तक लेकर गई, महिलाएं गीत संगीत के साथ तीज माता की प्रतिमा को अपने सिर पर रखकर मधुर भजनों के साथ महिलाएं नृत्य करती मंगल गीत गाए वहीं पुरुषों द्वारा सुरक्षा के तहत पहरेदारी की बस स्टैंड पर नगर परिषद धामनोद द्वारा इनका पुष्प वर्षा कर स्वागत किया गया। आदिवासी समाजजन द्वारा मनाया जा रहा भव्य तीज़ महोत्सव का गुरुवार 22 अगस्त को समापन होगा।

मालवा में ऐसी मान्यता है कि तीज माता माँ पार्वती की रूप है और माँ पार्वती जी मालवा की बेटी हैं जो सावन के महीने में रक्षाबंधन मनाने अपने पिहर आती हैं। राखी के बाद ससुराल जाने से पूर्व मात पार्वती जी नगर भ्रमण कर सभी से मिलने जाती है इसी परंपरा को जीवित रखने के लिए मालवा की महिलाएं तीज का व्रत कर उत्सव मनाती है। महिला तीज के दिन दिनभर उपवास करती हैं संध्या को तीज माता की प्रतिमा की विशेष श्रृंगार, पूजा अर्चना कर नगर मैं नाचते गाते भ्रमण करवाती है। तीज उत्सव में बड़ी संख्या में महिलाएं भाग लेती हैं। महिलाओं द्वारा बारी बारी से तीज माता की प्रतिमा को सिर पर रखकर नृत्य किया जाता हैं। यद्यपि क्षेत्रीय उत्सवों में थोड़ा अंतर हो सकता है, फिर भी त्योहार की भावना एक समान रहती है। 

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