धर्म बदला तो आरक्षण का लाभ नहीं, सुप्रीम कोर्ट का बड़ा फैसला
Last Updated: अक्टूबर 15, 2026 " 12:10 अपराह्न"
हिंदू से इस्लाम धर्म अपनाने वालों को पिछड़ा वर्ग (OBC) का आरक्षण मिलेगा या नहीं इस पर तमिलनाडु सरकार की तरफ से लगाई गई याचिका पर सुप्रीम कोर्ट ने फैसला सुनाया है।
कोर्ट ने कहा है कि हिंदू सामाजिक व्यवस्था के पिछड़े वर्ग या अनुसूचित जाति का व्यक्ति दूसरा धर्म अपनाने के बाद आरक्षण का लाभ नहीं ले सकता। हिंदू सामाजिक व्यवस्था के पिछड़े वर्ग या अनुसूचित जाति से संबंधित व्यक्ति किसी अन्य धर्म को अपनाने के बाद आरक्षण का लाभ पाने का दावा नहीं कर सकता। धर्म परिवर्तन के बाद हिंदू सामाजिक व्यवस्था का पिछड़ापन दूसरे धर्म में स्थानांतरित नहीं हो सकता।
कोर्ट ने आगे ये भी कहा कि किसी व्यक्ति का सामाजिक पिछड़ापन धर्म परिवर्तन के बाद हिंदू सामाजिक व्यवस्था से गैर-हिंदू सामाजिक व्यवस्था में स्थानांतरित नहीं हो सकता।
जस्टिस पीके मिश्रा और जस्टिस श्री चंद्रशेखर की पीठ ने मद्रास हाईकोर्ट (Madras High Court) के फैसले को बरकरार रखा है। हाईकोर्ट ने तमिलनाडु सरकार (Tamil Nadu Government) के उस फैसले को रद्द कर दिया था, जिसके तहत इस्लाम अपनाने वाले व्यक्तियों को पिछड़ा वर्ग मुस्लिम श्रेणी में आरक्षण का लाभ देने की अनुमति दी गई थी।
सुप्रीम कोर्ट ने तमिलनाडु में धर्म परिवर्तन के बाद पिछड़ा वर्ग का दर्जा देने से जुड़े मामले में ये फैसला सुनाया है।