कार्यपालन यंत्री के निर्देश के एक माह बाद भी , भष्ट्राचार से “संबंधित ” विभागीय जांच नहीं कर पाये, एसडीओ जल संसाधन
Last Updated: जनवरी 10, 2020 " 04:39 अपराह्न"
मामलाजलसंसाधनविभागका
रतलाम/धामनोद, ( मुकेश चौधरी)। भष्ट्राचार के सारे सबूत विभागीय कर्मचारी के खिलाफ होने के बवजूद संबंधित विभाग के जांच अधिकारी अपने विभागीय कर्मचारी को बचाने के लिए जांच करने के नाम पर टाल-मटोल कर मुद्दा ही खत्म कर अपने कर्मचारी पर केसे मेहरबन होते हैं
यह रतलाम जिले के जल संसाधन विभाग में देखने को मिल रहा हैं।
मामला जल संसाधन विभाग से जुड़ा होकर भष्ट्राचार का इंगित होता है।
मामले में जल संसाधन विभाग के कार्यपालन यंत्री को अपने विभाग में भष्ट्राचार होने की सुचना पर संबंधित इंजीनियर जीके पुरोहित से जानकारी ली तो इंजीनियर के तर्क गोलमाल रहे जिस पर
उक्त विषय में जांच करने का निर्देश विभाग के एसडीओ को दिया है,
लेकिन एसडीओ जल संसाधन विभाग, जांच करने के नाम पर मुद्दे को कमजोर कर दो दिन तीन दिन बता कर महिने भर से टाल-मटोल कर रहे हैं।
मामला यह हैं की
रतलाम जिले के धामनोद क्षेत्र में धामनोद बांध से वर्ष 2018 में रबी सीजन के वक्त तालाब से नहर में पानी छोड़ने के दोरान तालाब-नहर का गेट क्षतिग्रस्त होने पर जिला प्रशासन के आदेश पर किसानों को सिचाई हेतु पानी देने के लिए स्पंज पाइप तकनीक से तालाब से पानी नहर में छोड़ा था
जिस में विभाग व्दारा रोल पाइप की खरीदी की थी,
रबी सीजन निकलने के बाद उक्त रोल पाइप को समेट कर संबंधित कर्मचारियों ने अपने विभाग के स्टोर रूम में जमा करने के बजाए अपने एक परिचित व्यक्ति के पास रख दिये थे,
जो शासकीय पाइप उक्त व्यक्ति के वहां से बेच दिये गये है ओर कहाँ व किसको बेचे हैं
इसके प्रमाण स्पष्ट खबर के पास है।
वही इस बारे में जल संसाधन विभाग के इंजीनियर जीके पुरोहित ने अपने आपको अंजान बता या तो, वहीं अधिकारीयों व्दारा उक्त पाइप के बारे में जिम्मेदार बता रहे हैं।
एके मालवीय कार्यपालन यंत्री जल संसाधन विभाग रतलाम ने इस विषय में जांच करने का निर्देश विभाग के एसडीओ गिरीश जोशी को दिया हैं।
लेकिन श्री जोशी महिने भर से जांच करने के सवालों पर, बाहर हूँ आकर करते हैं, अभी स्वास्थ्य बिगाड़ा हुआ हैं तो कभी कल परसों बता कर जांच की आंच ठंडी कर रहे हैं।