लाखों रुपए की लागत राशि की योजना को मिट्टी में दफन किया
Last Updated: फ़रवरी 13, 2020 " 03:44 पूर्वाह्न"
जल संसाधनविभाग की लापरवाही का आलम, बिन पानी फसलें प्रभावित तो वहीं व्यर्थ बहते पानी से फसलों को नुकसान
रतलाम,13 फरवरी 2020(स्पष्ट खबर)। जिले के धामनोद क्षेत्र में जल संसाधन विभाग की बड़ी लापरवाही सामने आई हैं। जहां शासन के लाखों रुपए लागत राशि की योजना को धरातल पर जवाबदारो ने मिट्टी में मिला दिया है, जिस से किसानों की रबी फ़सलें जहां पानी नहीं मिलने से प्रभावित हो रही तो कहीं बेमतलब का पानी भी किसानों की उम्मीदों पर पानी फेर रहा है। जल संसाधन विभाग की लापरवाही का मामल कुछ इस प्रकार हैं कि रतलाम जिले के धामनोद में धामनोद बांध की कच्ची नहर का 4.07 किमी तक लाइनिंग कार्य (पक्का निर्माण) कार्य वर्ष 2017 में 46.66 लाख की लागत राशी से पूर्ण किया गया था, कार्य में मनमानी व घटिया निर्माण, किसी से छुपा नहीं है सिवाए शासन के।
किसान हरिओम पाटीदार ने बताया की जल संसाधन विभाग व्दारा नहर कि पुलिया का मरम्मत अधुरा एंव घटिया किया गया जिसे नहर का पानी व्यर्थ बह कर मैरे खेत में फेल रहा है जिस से फ़सलों को नुकसान हो रहा है दो माह से नहर का पानी लिकेज हैं मैने जल संसाधन विभाग के अधिकारियों को भी कई बार समस्या से अवगत करवाया लेकिन आज दिनांक तक हल नहीं किया है।
वहीं धामनोद बांध की उक्त नहर के अंतिम छोर तक सफाई नहीं करवाने के कारण जहां किसानों कि फसलों को पानी नहीं मिलने के कारण प्रभावित हैं तो साथ ही दो वर्ष पूर्व 46.66 लाख की लागत राशि से निर्मित नहर का बड़ा भाग मिट्टी में समाया हुआ है आधी रबी सिंजन निकलने के बाद तक भी जवाब दारौ ने नहर की सफाई नही करवाकर जहां कमांड एरिया के किसानों को पानी लेने से वंचित किया है तो वही लाखों रुपए की लागत से निर्मित नहर को मिट्टी में दफन किया जा रहा है।
किसान मदन राव बताते हैं कि जल संसाधन विभाग की लापरवाही के कारण मैरे खेत का निजी रास्ता दो वर्षों से बंद हैं, मैंरे बिच खेत में नहर निकाली गई है लेकिन एक से दुसरे खेत में जाने के लिए रास्ता नहीं दिया है, विभाग के इंजीनियर से कई बार इस बारे में बात की लेकिन उनके व्दारा समस्या पर कोई ध्यान नहीं दिया जा रहा है,
जिसे मुझे आर्थिक , मान्सिक, व शारीरिक नुकसान उठाना पड़ रहै।
ग़ौरतलब है कि जहां नहर में पानी नहीं आने से किसानों की फसलें प्रभावित हैं तो वहीं इसी नहर से व्यर्थ बहते पानी से किसानों की फसलों को नुकसान हो रहा है।
कुछ दिनों से मैंरा स्वास्थ्य ठिक नहीं था, मै एक दो दिन मै मोके पर आकर देखता हूँ कृषकों को कहाँ पर समस्या है।