मस्जिद के लाउडस्पीकर से अजान दूसरों के मूल अधिकारों का उल्लंघन: हाईकोर्ट

  
Last Updated:  मई 15, 2020 " 05:51 अपराह्न"

नई दिल्ली। ​मस्जिदों में अजान के लिए लाउडस्पीकर के उपयोग संबंधी एक याचिका पर फैसला सुनाते हुए इलाहाबाद हाईकोर्ट ने कहा है कि कोई भी इन्सान अपनी आवाज में अजान दे सकता है, लेकिन, तेज आवाज या स्पीकर से अजान देना दूसरों के मूल अधिकारों का उल्लंघन है।

मस्जिदों में अजान का लाउडस्पीकर इस्लाम का हिस्सा नहीं: हाईकोर्ट 

इलाहाबाद हाई कोर्ट का कहना है कि अजान इस्लाम का हिस्सा, लेकिन स्पीकर से अजान इस्लाम का हिस्सा नहीं है। इसलिए मस्जिदों से लाउडस्पीकर से अजान पर रोक सही है। कोर्ट ने यह भी कहा कि कोई भी इन्सान अपनी आवाज में अजान दे सकता है, लेकिन, तेज आवाज या स्पीकर से अजान देना दूसरों के मूल अधिकारों का उल्लंघन है। किसी को भी दूसरे के मूल अधिकारों का उल्लंघन करने की अनुमति नहीं दी जा सकती। 

सांसद अफजाल अंसारी ने अजान के लिए लाउडस्पीकर मामले में याचिका लगाई थी

बता दें कि इलाहाबाद हाईकोर्ट ने गाजीपुर से बहुजन समाज पार्टी के सांसद अफजाल अंसारी की अजान पर रोक के खिलाफ दाखिल जनहित याचिका पर यह फैसला दिया है। गाजीपुर से बसपा के सांसद अफजाल अंसारी ने जिलाधिकारी के मस्जिदों मे लाकडाउन के दौरान अंजान पर लगायी रोक के खिलाफ इलाहाबाद हाईकोर्ट मे याचिका दाखिल की थी। 

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