गुरु पूर्णिमा 2021: गुरु पूर्णिमा पर बन रहा शुभ योग,गुरु पूर्णिमा का शुभ मुहूर्त-
Last Updated: जुलाई 23, 2021 " 08:44 पूर्वाह्न"
धर्म समाज| मनुष्य के जीवन में माता, शिक्षक और गुरु का सबसे महत्वपूर्ण स्थान होता है। शास्त्रों में गुरु को सबसे सम्मानित पद माना जाता है। गुरु पूर्णिमा का त्यौहार इसी भावना को प्रकट करने के लिए मनाया जाता है। इस दिन लोग अपने गुरु के प्रति कृतज्ञता प्रकट करते हैं। ज्योतिष शास्त्र के अनुसार यह एक विशेष दिवस होता है।
पूर्णिमा होने के कारण गुरु का आशीर्वाद प्रबल होता है। मनोकामनाएं पूर्ण हो सकती हैं और जीवन के संकट कट जाते हैं। हम यहां गुरु पूर्णिमा के अवसर पर राशि के अनुसार मंत्रों का विवरण दे रहे हैं। इस दिन गुरु को वस्त्र भेंट करने का महत्व है, यहां आपके शुभ रंग दिए जा रहे हैं, उसी के अनुसार गुरु को वस्त्र भेंट करें। इस दिन ये काम करके आप मन की इच्छा पूरी कर सकते हैं।
मेष : ‘ॐ अव्ययाय नम:’ का जाप करें व लाल वस्त्र भेंट करें। वृषभ : ‘ॐ जीवाय नम:’ का जाप करें व सफेद वस्त्र भेंट करें। मिथुन : ‘ॐ धीवराय नम:’ का जाप करें व हरा वस्त्र भेंट करें। कर्क : ‘ॐ वरिष्ठाय नम:’ का जाप करें व क्रीम वस्त्र भेंट करें।
सिंह : ‘ॐ स्वर्णकायाय नम:’ का जाप करें व गुलाबी वस्त्र भेंट करें। कन्या : ‘ॐ हरये नम:’ का जाप करें व हरा व पीला मिश्रित वस्त्र भेंट करें। तुला : ‘ॐ विविक्ताय नम:’ का जाप करें व खादी वस्त्र भेंट करें। वृश्चिक : ‘ॐ जीवाय नम:’ का जाप करें व धोती का भेंट करें।
धनु : ‘ॐ जेत्रे नम:’ का जाप करें व सोने की भेंट करें। मकर : ‘ॐ गुणिने नम:’ का जाप करें व पंचधातु व वस्त्र भेंट करें। कुंभ : ‘ॐ धीवराय नम:’ का जाप करें व ऊनी वस्त्र भेंट करें। मीन : ‘ॐ दयासाराय नम:’ का जाप करें व नीला वस्त्र भेंट करें।
क्या है इन योगों का महत्व
ऐसी मान्यता है कि प्रीति और आयुष्मान योग में हमारे द्वारा किए गए कोई भी शुभ कार्य करने से करियर/व्यापार में सफलता मिलती है.
वहीं, वैदिक ज्योतिष में विष्कुंभ योग को भी काफी शुभ माना गया है. इस दिन किसी भी प्रकार के शुभ कार्य के शुरू करने से लाभ होता है.
ज्योतिषाचार्यों के मुताबिक गुरु पूर्णिमा पूजा करने से सौ वाजस्नीय यज्ञ के बराबर फल मिलता है.
कुंडली में चंद्र दोष से मुक्ति मिलती है.
गुरु पूर्णिमा पर क्या बन रहा शुभ योग
पूर्णिमा पर विष्कुंभ योग आरंभ: 24 जुलाई 2021, शनिवार की सुबह 06 बजकर 12 मिनट तक
पूर्णिमा पर प्रीति योग आरंभ: 25 जुलाई 2021, रविवार की सुबह 03 बजकर 16 मिनट तक
25 जुलाई 2021, रविवार की सुबह 03 बजकर 16 मिनट के बाद लगेगा आयुष्मान योग
गुरु पूर्णिमा 2021 का शुभ मुहूर्त पूर्णिमा तिथि: 23 जुलाई 2021, शुक्रवार
पूर्णिमा तिथि आरंभ: 24 जुलाई 2021, शनिवार की सुबह 10 बजकर 43 मिनट से
पूर्णिमा तिथि समाप्त: 25 जुलाई 2021, रविवार की सुबह 08 बजकर 06 मिनट तक
सदियों पूर्व आषाढ़ मास की पूर्णिमा तिथि पर जन्में महर्षि वेदव्यास के जयंती के मौके पर गुरु पूजन की परंपरा निर्वाह की जाती है.
जिसे व्यास पूर्णिमा के नाम से भी जाना जाता है. हिंदू धर्म में कुल पुराणों की संख्या 18 है. इन सभी के रचयिता महर्षि वेदव्यास हैं.