रात्रि को नहर में छोडा़ तालाब का पानी, जल संसाधन विभाग की लापरवाहियाँ एवं मनमानी-
Last Updated: नवम्बर 21, 2020 " 10:48 पूर्वाह्न"
रतलाम/धामनोद| जल संसाधन विभाग की मनमानी एवं लापरवाहियाँ चरम पर है बीना नहर की व्यवस्थित सफाई एवं मरम्मत करवाये रात को तालाब से नहर में पानी छोड़ दिया गया जिस से व्यर्थ पानी जाने के अलावा किसानों की फसलों को भी नुकसान होने की संभावना है| जल संसाधन विभाग उपसंभाग सैलाना अंतर्गत आने वाले धामनोद के धामनोद बांध का पानी नहर में रात को छोडा गया है जो घोर लापरवाही के साथ ही भष्ट्राचार की ओर इंगित करता है| जब कई किसानों द्वारा समय पर तालाब से पानी नहर में छोड़ने की मांग करी जा रहीं थी तब संबधित जवाबदारों ने कोई ध्यान नही दिया जिस से किसानों की फसलों को भारी नुकसान उठाना पडा है तथा अन्य स्रोतों से सिंचाई करने से आर्थिक एवं मानसिक नुकसान भी हुआ है वहीं जल संसाधन विभाग के जवाबदार नहर की सफाई कार्य करवाएं जाने का बहाना बनाते रहे गौर किया जाए कि धामनोद बांध की नहर का पक्का निर्माण सन 2017 में किया गया है, इसके बावजूद भी जो नहर सफाई का हौवा बनाया जा रहा था उसकी पौल मौके पर खुल गई है बारिश के मौसम में नहर में जो थोड़ी बहुत मिट्टी आई जमा हुई थी उस पर जंगली घांस उगआई उसको भी व्यवस्थित रुपसे सफाई नही कराई गई ओर तालाब से नहर में पानी छोड़ कर विभाग अपने आप को किसान हितेषी साबित कर रहा है
इस प्रकार जगह जगह पर हो रही है नहर जाम
जब की जिस समय किसानों की फसलों को सिंचाई की आवस्यकता थी उस समय तालाब से नहर का पानी नहीं छोड़ा गया कारणवश कुछ आदीवासी किसानों ने अपनी जमीनें बंटाई पर देदी वहीं अन्य किसानों ने आस पड़ोस के किसानों के जलस्रोतों से पानी लेकर बोवनी करी है| ज्ञात हो की कुछ प्रभावशाली किसानों के इशारों पर धामनोद बांध की नहर में प्रति वर्ष रबी सीजन में रात्रि में पानी छोडा जाता रहा है |
आज हमारे द्वारा इस विषय में तालाब के चौकीदार देवा से जानकारी ली गई एवं नहर से कितने किसानों द्वारा सिंचाई करने की जानकारी चाही गई जिसमें उक्त चौकीदार द्वारा केवल एक किसान का नाम बताया गया तो क्या एक किसान की आवस्यकता के लिए तालाब की नहर खोल दी गई सवाल उठते हैं कि नहर की बीना व्यवस्थित सफाई मरम्मत के केवल एक किसान के इशारे पर तालाब की नहर खोली गई जिस से हजारों लिटर पानी व्यर्थ बह रहा है अगर समय पर नहर सफाई कराई जाकर नहर में पानी छोडा जाता तो कई किसानों को फायदा होता| इस विषय में जल संसाधन विभाग उपसंभाग सैलाना के एसडीओ गिरीश जोशी ने बताया की किसानों की मांग थी जिस पर पानी छोडा गया है अव्यवस्था हो रहीं हैं तो मै अभी सब इंजीनियर को बोल कर व्यवस्था दिखवा ता हूँ|