व्यापारी ने कि किसानों से धोखाधड़ी, मंडी सचिव ने व्यापारी संघ की एफडी तोड़कर किसानों को भुगतान किया , व्यापारी हुऐ ‌लामबंद-

  
Last Updated:  सितम्बर 15, 2021 " 01:23 अपराह्न"

व्यापारियों ने नियम विरुद्ध कार्य करने का आरोप लगाकर मंडी सचिव के तबादले की मांग कर मंडी में व्यापार बंद किया

सैलाना मंडी सचिव किसी भी जांच को तैयार

मुकेश चौधरी

रतलाम। सैलाना कृषि उपज मंडी में व्यापारियों के हडताल पर जाने से मंडी में उपज निलामी व्यापार बंद है
व्यापारियों ने आरोप लगाते हुऐ मंडी सचिव के तबादले की मांग की गई है।

मिली जानकारी अनुसार कृषि उपज मंडी सैलाना में एक व्यापारी द्वारा किसानों के भुगतान नहीं कर भाग जाने के कारण मंडी सचिव ने व्यापारी संघ की एफडी तोड़कर किसानों को भुगतान किया गया , जिससे किसानों को अपने ‌‌‌‌‌‌‌‌‌‌‌‌‌‌‌‌‌‌‌खून पसीने कि कमाई दिलवाकर किसानों को बर्बाद होने से बचालिया गया ,
लेकिन व्यापारी संघ की एफडी तोड़कर किसानों को भुगतान करने पर व्यापारियों ने विरोध कर मंडी सचिव पर व्यापारियों को परेशान करने के आरोप लगाकर
मंडी सचिव के तबादले कि मांग को लेकर व्यापारी हडताल पर चले गये है ।
कृषि उपज मंडी व्यापारी एसोसिएशन ने सहा. संचालक मप्र राज्य कृषि विपणन बोर्ड भोपाल को भेजी शिकायत के माध्यम से मंडी सचिव पर आरोप लगाया हैं कि मंडी सचिव व्यापारियों की आईडी बगैर उचित कारण के बंद कर देते है,
आरोप लगाये है कि पिछले दिनों मंडी सचिव ने एक व्यापारी द्वारा किसानों के भुगतान नहीं कर भाग जाने के कारण व्यापारी संघ की एफडी तोड़कर किसानों भुगतान कर दिया जबकि ऐसा करने का सचिव को अधिकार नहीं , तथा दोषी व्यापारी के तुलावटी होने के बावजूद भी फर्म का लाईसेंस नवीनीकरण किया गया , इस संबंध में कार्रवाई की मांग करी गई हैं।
मंडी सचिव केके नरगांवे द्वारा सभी आरोप निराधार नियम विरुद्ध काम नहींं करने व वरिष्ठ अधिकारियों को जानकारी देकर काम किया जाना एवं किसी भी जांच का सामना करने को तैयार रहना बताया जा रहा है।
वही मंडी में व्यापार निलामी बंद होने एवं व्यापारियों की बडती मनमानियाँ किसानों के लिए मुसिबते बडा रही हैं
कृषि उपज मंडी में व्यापारियों के दबाव के कारण किसानों के भुगतान संबंधी मामले प्रकाश में आते रहें है व्यापारियों द्वारा मंडी सचिव पर व्यापारियों को परेशान करने के आरोप लगाये जा रहें है।
जबकि मंडी में किसान वर्षो से व्यापारियों की मनमानी के शिकार होते रहें है।

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किसान कृषि उपज मंडी में अपनी उपज के नगद और बैहर दाम के लिए जाता है लेकिन व्यापारी उपज ‌‌‌‌‌‌‌‌‌‌‌‌‌‌‌‌‌‌‌‌ खरीद कर कृषकों को भुगतान के लिए दो तीन दिनों तक चक्कर लगवाते है।
कुछ मौको पर नगद भुगतान के नाम पर दो प्रसेंट राशि काट कर भुगतान करने की भी शिकायते किसानों द्वारा मंडी सचिव को करी गई थी
वही व्यापारी छोटी छोटी बातों को लेकर मंडी में निलामी बिच में रूकवा चूके है और किसानो से मंडी में ही मौल भाव कर औने पौने दामो में उपज खरीदी करने के मामलें सुर्ख़ियों में रहे हैं।
मंडी व्यापारियों का प्रशासन पर बडता दबाव किसानों के लिए आने वाले समय में और अधिक मुसिबते उत्पन्न कर सकता हैं।
किसानों के खेतों में सोयाबीन कि फसल पक कर तैयार खड़ीं है 8 से 10 दिनों में फसल मंडी में आने के लिए तैयार होगी किसान सोयाबीन कि फसल बेच कर रबी फसल बानी की  तैयारी करेंगे लेकिन मंडी में व्यापार बंद के कारण किसानों को रबी फसल बोनी के लिए परेशानियां झेलनी पड़ेगी।
अगर इस मामले में व्यापारियों के दबाव के कारण मंडी सचिव का तबादले की कार्रवाई होती हैं तो व्यापारियों की मांग तो पूरी हो जाएगी लेकिन इस से अन्नदाता किसानों के पक्ष की बात करने वाले जो कुछ अधिकारी कर्मचारी बीचे है वह किसानों के हक में बोलने में शायद ही आगे आयेगे।

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