समर्थन मूल्य खरीदी केन्द्र पर कृषकों ने एसडीएम को ज्ञापन सौंपा, प्रतिदिन अतिरिक्त वाहन भाड़े के रूपमें कृषकों को हो रहां आर्थिक नुकसान-
Last Updated: मई 25, 2020 " 10:10 पूर्वाह्न"
रतलाम:25 मई 2020(स्पष्ट खबर)| अधिकारीयों द्वारा समय समय पर उपार्जन केन्द्र का मौका मुआयना करने तथा संबंधितों को निर्देशित करने के बाद भी व्यवस्था में आंशिक सुधार देखने को नहीं मिल रहा है जिससे किसानों को परेशानियों से रुबरु होना पड़ रहां है|
खाली हुआ बारदान गोडाउनबंद तोल कांटे
रतलाम जिले के धामनोद में किसानों से समर्थन मूल्य पर गेंहू खरीदने के लिए दो केन्द्र बनायें गयें है, जहाँ आस पास के 17 गाँव के कृषकों द्वारा अपनी उपज लाई जा रहीं हैं, यहाँ अव्यवस्थाओं के कारण कृषकों एवं उपार्जन केन्द्र प्रभारी तथा कर्मचारियों के बीच विवाद की स्थिति भी बनतीं है,
रविवार से धामनोद उपार्जन केन्द्र पर बारदान खत्म होने के कारण कृषकों के गेंहू का तोल बाधित रहा बताया जाता है की बारदान खत्म होने पर केवल दो हजार बारदान की आमद हुई थी जो काफी कम थी , सोमवार को भी अधिकतर तोल कांटे बंद थे
तथा आज दोपहर तक बारदान की आमद नहीं होने की दशा में यहाँ गेंहू खरीदी पूरी तरह से बंद होने की संभावना से इंकार नहीं किया जा सकता है,
कलेक्टर के नाम एसडीएम को ज्ञापन देकर कृषकों ने गेंहू का तोल सैलाना मंडी में बडे़ कांटे पर करवाने की मांग की-
एसडीएम श्री फुलपगारे को ज्ञापन सौंपाते किसान
सोमवार को करीब 12:00 बजे ग्रामीण एसडीएम प्रवीण फुलपगारे ने धामनोद उपार्जन केन्द्र पर पहुँच कर किसानों से चर्चा की जहाँ किसानों ने बारदान नहीं होने तथा समय पर तोल नहीं किया जाने, खाने पीने की व्यवस्था नहीं होने तथा बारदान कब तक आएगें यह भी सुनिश्चित नहीं होने को लेकर कलेक्टर के नाम आवेदन एसडीएम को मौके पर दिया गया है
जिसमें मांग की गई है की उपार्जन केन्द्र से मात्र 03 किमी की दूरी स्थित सैलाना मंडी में बडे़ कांटे पर गेंहू का तोल करवाया जाएं इस दौरान तहसीलदार पीएस पटेल, राजस्व पटवारी मनोहर राठोड़, किसान डॉक्टर दिनेश राव, उपार्जन प्रभारी गणेश पाटीदार, समेत बडी़ संख्या में कृषक उपस्थित थे
20 – 21 मई से टोकन लेकर खड़े वाहनों का गेंहू नहीं तुला, वाहन भाड़े का आर्थिक नुकसान-
इस प्रकार किसानों द्वारा चाट बनाकर वाहन भाड़े की जानकारी दी जा रहीं हैंउपार्जन केन्द्र के बाहर खड़े कृषकों के वाहन
समर्थन मूल्य पर खरीदी केन्द्र पर वाहनों में गेंहू लेकर पहुंचे किसानों के गेंहू का समय पर तोल नहीं होने के कारण किसानों को वाहन भाड़े के रूपमें आर्थिक नुकसान हो रहां है , पंजिकृत किसानों को एस एम एस आने पर कृषक समर्थन मूल्य पर गेंहू लेकर पहुंचे हैं लेकिन यहाँ अव्यवस्थाओं के कारण किसानों का गेंहू चार, पांच दिनों तक नहीं तोला जा रहा है जिस से प्रतिदिन किसानों को वाहन भाडा 1,000 से 1,500 रूपये का आर्थिक नुकसान हो रहा है, जिला प्रशासन को समय रहते इस ओर ध्यान देने की आवश्यकता है अन्यथा किसानों का आक्रोश किसी भी समय फुट सकता है|